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हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या का केस

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हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या का केस सती मोहल्ला निवासी युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हुई हत्या में पुलिस ने खेल करना शुरू कर दिया है।
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युवक की मौत के बाद 307 के मुकदमे को हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या की धारा 304 में तरमीम कर दिया।
धारा के इस खेल से पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हत्यारोपी बहन और उसके सहयोगी को बचाने के लिए पुलिस खेल कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के सती मोहल्ला में मंगलवार रात घर के अंदर मूसल से सिर कूचने के बाद गला रेत कर दीपक (20) की हत्या हुई थी।
पुलिस ने दीपक की बहन शशि को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मृतक के बाबा जगन्नाथ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत जो मामला दर्ज किया गया था।
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उसे 304 में तरमीम कर दिया गया। हत्या की धारा 302 में न बदल कर 304 करने के पीछे पुलिस इसे विवेचना का आधार बता रही है।
सीओ सिटी वैभव पांडेय का कहना है कि दीपक की तत्काल मौत नहीं हुई। विवेचना में जो तथ्य सामने आए, उसके आधार पर धारा लगाई गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में ही बहन शशि के अलावा किसी अन्य के भी शामिल होने का संदेह है।
हालांकि युवती ने गलत नीयत रखने की वजह से भाई की हत्या करने की बात पुलिस से कही है। फिर भी पुलिस का मानना है कि मूसल और हंसिया से गले पर प्रहार करने में कोई और भी शामिल रहा है।
सीओ सिटी वैभव पांडेय ने बताया कि युवक की हत्या में किसी और के शामिल होने की दिशा में भी पुलिस जांच कर रही है। युवती ने किन परिस्थितियों में अपने भाई की हत्या की, फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है। हत्यारोपी शशि को जेल भेजा गया है।
कोतवाली स्थित एलआईयू दफ्तर के एक कर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से पुलिस स्टाफ सजगता बरत रहा है। दीपक हत्या मामले के विवेचक नौरंगाबाद चौकी प्रभारी नीरज कुमार को भी क्वारंटीन किया गया है।
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सीओ सिटी ने बताया कि विवेचक नीरज भी एलआईयू दफ्तर में बैठे रहे थे। इसलिए एहतियातन उन्हें क्वारंटीन किया गया है। कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल भेजा गया है।
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