बैठक को संबोधित करते दिलीप मिश्र
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ग्राम विकास अधिकारी संघ की बैठक शुक्रवार को विकास भवन के ऑडीटोरियम में हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत सचिव पूर्ति विभाग की पात्रता सूची का सत्यापन कार्य नहीं करेंगे। क्योंकि उक्त विभाग ने सूची बनाते समय सचिवों से कोई कार्य नहीं लिया है। अब जब लोग पात्रता सूची से वंचित हो गए हैं तो उन परिवारों का सत्यापन पंचायत सचिव से करवाया जा रहा है। संघ इसका विरोध करता है।
इसके अलावा लोहिया ग्रामों की बुक लेट्स में अंकित होने वाली प्रगति को लेकर संघ सदस्यों ने कहा कि विभिन्न विभागों से मिलने वाली सूचनाएं खंड विकास अधिकारी को समय पर उपलब्ध नहीं कराई जातीं। जिससे रिपोर्ट समय पर अंकित नहीं हो पाती। लेकिन इसके लिए ग्राम विकास अधिकारियों/ सचिवों पर दबाव डाला जाता है। इसलिए यह कार्य करने के लिए संघ सहमत नहीं है। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि केंद्र से प्राप्त 14वें वित्त की धनराशि को खर्च करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हैं।
जिससे पंचायतों के विकास कार्य अवरुद्ध हो रहे हैं। ग्राम प्रधान सचिवों पर धन आहरण के लिए अनैतिक दबाव डाल रहे हैं। मांग की गई कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जाती किए जाएं। इस दौरान संवर्ग के सदस्यों ने रोष जताया कि ग्राम प्रधान एवं राजनैतिक व्यक्ति पंचायत सचिवों के तबादला का दबाव बनाते हैं। जिससे कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। लिहाजा इस प्रकार के तबादलों पर तत्काल रोक लगाई जाए। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्र ने कहा कि सदन में जितनी भी समस्याएं संघ सदस्यों उठाई हैं, वह सभी जायज हैं। इन समस्याओं के संबंध में वह संबंधित अधिकारियों से मिलकर निराकरण कराएंगे। इस मौके पर जिला मंत्री विजय बहादुर सिंह तोमर, संजीव श्रीवास्तव, पंकज कुमार पाल, अखिलेश यादव, जितेंद्र बाबू यादव, सोमेश कटियार, प्रवीण कुमार शाक्य, माया यादव, ऊदल सिंह आदि मौजूद रहे।