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Etawah News: करोड़ों की लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें नहीं

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इटावा। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिले की 117 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गईं थी। इन पर करीब 4.68 करोड़ रुपये की लागत आई है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें कम और लोककथाएं, कहानी और उपन्यास की किताबें ज्यादा हैं।
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सामान्य साहित्य की किताबें भी काफी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन एसएससी, यूपीएससी, पीसीएस, रेलवे और पुलिस जैसी परीक्षाओं की किताबें नहीं के बराबर हैं। बैंकिंग और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी जरूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं।
शासन ने प्रति लाइब्रेरी चार लाख रुपये का बजट दिया था। इसका उपयोग लाइब्रेरी तैयार करने और पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए था। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि मौजूदा पुस्तकें उनके किसी काम की नहीं हैं। नवीनतम पाठ्यक्रम की किताबें और प्रश्न बैंक उपलब्ध नहीं हैं। रोजगार संबंधी अध्ययन सामग्री न होने से लाइब्रेरी का मूल उद्देश्य अधूरा रह गया है।
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भरथना क्षेत्र के रमायन गांव स्थित डिजिटल लाइब्रेरी परिसर में मौजूद पंचायत सहायक अनुज कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण इन दिनों छात्र कम आ रहे हैं, इसलिए लाइब्रेरी बंद थी। ताला खोलकर पुस्तकों की जानकारी की तो उन्होंने बताया कि हाल ही में आई करीब एक हजार पुस्तकों में से केवल तीन-चार पुस्तकें ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से उपयोगी हैं।
चकरनगर के ग्राम पंचायत कोला में बनी लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों की अपेक्षा कहानी और उपन्यास रखे हैं। रैक में पुस्तकों की संख्या तो ठीक है लेकिन पुलिस, शिक्षक सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें सिर्फ एक दो ही है। ऐसे में छात्र पुस्तकों को देखकर लौट जाते है। वहीं, जिम्मेदार जल्द ही अन्य पुस्तकों को मंगवाने की बात कह रहे है।
प्रतियोगी छात्र मोहित यादव ने बताया कि लाइब्रेरी में कहानी और उपन्यास जैसी किताबें तो भरपूर हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक भी उपयोगी पुस्तक उपलब्ध नहीं है।

प्रतियोगी छात्र छोटू सिंह का कहना है कि यदि प्रतियोगी पुस्तकों के साथ बेहतर अध्ययन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तो ग्रामीण युवाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

कुछ इस प्रकार बनी है डिजिटल लाइब्रेरी

ब्लॉक संख्या
बढ़पुरा 21
बसरेहर 18
भरथना 07
चकरनगर 12
जसवंतनगर 12
सैफई 16
महेवा 24
ताखा 07

ऐसी हो लाइब्रेरी तो मिले फायदा
राजकीय पुस्तकालय इटावा के प्रभारी और जीआईसी के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सक्सेना ने बताया कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यूपीएससी (आईएएस/आईपीएस), यूपीपीएससी (पीसीएस), एसएससी (सीजीएल, सीएचएसएल, एमटीएस, जीडी), रेलवे (एनटीपीसी व ग्रुप-डी), बैंकिंग (आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई), यूपी पुलिस, एसआई, कांस्टेबल, अग्निवीर भर्ती, सीटीईटी, यूपीटीईटी, सुपर टीईटी, बीएड, डीएलएड, एनडीए, सीडीएस और सीएपीएफ से संबंधित नवीनतम पुस्तकें उपलब्ध होनी चाहिए। इसके साथ ही सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स, रीजनिंग, गणित, अंग्रेजी की मानक पुस्तकें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और प्रश्न बैंक भी रखे जाने चाहिए। वहीं, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की कक्षा छह से 12 तक की पुस्तकें, स्नातक स्तर की संदर्भ पुस्तकें तथा विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र की मानक किताबें भी लाइब्रेरी का हिस्सा होनी चाहिए, ताकि हर वर्ग के विद्यार्थियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
पंचायत विभाग की ओर से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों का आवंटन प्रदेश सरकार की ओर से किया गया है। जनपद स्तर से इसमें कुछ नहीं हुआ है। हालांकि इन लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें कम है जिसके लिए डीएम ने कमेटी बनाकर इन पुस्तकों की संख्या बढ़ाने के लिए चिह्निकरण का काम शुरू करवा दिया है जल्द ही सभी लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की सभी पुस्तकें उपलब्ध हो जाएंगी।
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रोहित कुमार, डीपीआरओ
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