बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों का राज्य स्तरीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन परवाज तीन आयोजित किया गया।
इसमें जनपद का प्रतिनिधित्व शायर रियाज इटावी ने अपना मुक्तक पेश किया, छू रही आजकल आसमां बेटियां, लिख रहीं हैं नई दास्तां बेटियां, जीतने का अगर इनको मौका मिले, जीत लाएंगी सारा जहां बेटियां ।
कवि अदील मंसूरी लखनऊ ने कहा कि दिल तोड़ना तो कुफ्र है ऐ मेरे दोस्तों नफ़रत के पत्थरों को हटा देना चाहिए।
जनार्दन पांडेय नाचीज ने कहा कि ऐ नौजवान दोस्तों भटकों न इस कदर, बंदूक से खुलेंगे न जन्नत के रास्ते। कवि जनार्दन पांडेय नाचीज जनपद खीरी की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम में वीणा चंदन देवरिया, नदीम ग़ाजीपुरी, सुधा गोस्वामी लखनऊ, अनुराधा प्वालत मथुरा आदि चयनित 25 शिक्षक कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब और फेसबुक पर भी किया गया।