रेलवे के अनलॉक के दूसरे चरण में 12 सितंबर से इटावा रुकने वाली नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस भी शामिल है। इसके लिए यात्री 10 सितंबर से रिजर्वेशन करा सकेंगे।
स्टेशन अधीक्षक पीएम मीणा ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन होने से बंद चल रहा था। ट्रेनों के संचालन का पहला चरण एक जून से शुरू हो गया।
इसके बाद 12 सितंबर से दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस को हरी झंडी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि इटावा जंक्शन स्टेशन पर दो जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव है। इनमें दूसरी कानपुर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली है। शताब्दी एक्सप्रेस के चलने से सबसे ज्यादा सुविधा दिल्ली जाने वाले यात्रियों को होगी।
नई दिल्ली से 2004 शताब्दी एक्सप्रेस सुबह 9:44 बजे इटावा पहुंचती है। 2 मिनट के ठहराव के बाद कानपुर होते हुए लखनऊ को रवाना हो जाती है। इससे मंत्री अथवा बड़े अधिकारी भी आते हैं।
2003 लखनऊ से चलकर आने वाली शताब्दी शाम 6:11 बजे इटावा पहुंचती है। इसके जरिए ज्यादातर वीआईपी अथवा अधिकारी नई दिल्ली लौट जाते हैं। इन दिनों ट्रेन से सफर करने वाले यात्री रिजर्वेशन कराकर चल रहे हैं।
इसके लिए उन्हें ट्रेन के समय से काफी पहले स्टेशन पहुंचकर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद ही प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। इटावा में आने वाले यात्रियों की भी थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।