इटावा। दो दिनों से कोहरा होने से रेलवे की समय सारिणी ध्वस्त हो गई है। इसकी वजह से हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर 24 से अधिक ट्रेनें देर से आईं। इसमें सबसे अधिक नई दिल्ली-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस 16 घंटा 50 मिनट देरी से इटावा जंक्शन पर आई। इससे दैनिक समेत आरक्षित टिकट पर लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।
शनिवार को कोहरे की वजह से आनंद बिहार-छपरा जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस छह घंटा 40 मिनट देरी से इटावा जंक्शन पर आई। ऊंचाहार एक्सप्रेस पांच घंटा 50 मिनट, अवध एक्सप्रेस पांच घंटा 40 मिनट, आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस एक घंटा 27 मिनट देरी से आई। मगध एक्सप्रेस पांच घंटा 58 मिनट, टूंडला-कानपुर मेमू दो घंटा, फरक्का एक्सप्रेस आठ घंटा 25 मिनट, गोविंदपुरी-अलीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन एक घंटा 55 मिनट, गोमती एक्सप्रेस एक घंटा 37 मिनट, नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस दो घंटा 23 मिनट, जोवधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस एक घंटा 44 मिनट देर से आई।
कालका नेताजी एक्सप्रेस दो घंटा 48 मिनट, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस एक घंटा 23 मिनट, महानंदा एक्सप्रेस दो घंटा देरी से इटावा जंक्शन पर आई। इसी तरह डाउन लाइन पर ऊंचाहार एक्सप्रेस दो घंटा 31 मिनट, कैफियत एक्सप्रेस दो घंटा 23 मिनट, आम्रपाली एक्सप्रेस तीन घंटा 47 मिनट, देहरादून एक्सप्रेस एक घंटा 25 मिनट, वैशाली एक्सप्रेस पांच घंटा 30 मिनट, मगध एक्सप्रेस दो घंटा 31 मिनट आदि ट्रेनें लेट रहीं। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी हुई। दैनिक यात्री कई घंटों के घंटों लेट होने पर दूसरी ट्रेनों से गंतव्य के निकल गए। वहीं, आरक्षित टिकट पर लंबी दूरी यात्रा करने वाले लोगों ने प्लेटफार्म पर ट्रेन का आने का इंतजार किया। ठंड की वजह से महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चों को अधिक परेशानी हुई।