नाग पंचमी का त्योहार श्रद्धाभाव से मनाया गया।
भक्तों ने भगवान शिव के साथ नागदेव की पूजा अर्चना की। सपेरों को तलाश कर
नाग को दूध पिलाया। शहर के पुरबिया टोला में शाम को मेले का आयोजन किया
गया।
बुधवार को नागपंचमी होने के कारण शिवमंदिरों में भीड़भाड़ रही।
भक्तों ने भगवान शंकर के साथ नागदेव की पूजा अर्चना की। घरों में भी पूजा
अर्चना के साथ ही दरवाजों पर नागदेव के प्रतीकात्मक रूप की रंगोली बनाई।
शाम को शहर के पुरबिया टोला में मेला का आयोजन हुआ।
पुरबिया टोला
स्थित जियालाल मंदिर में भगवान भोले शंकर का रूई से मनोहारी शृंगार किया
गया था। शृंगार रूप के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ यहां
उमड़ पड़ी। बच्चों के साथ ही बड़ों ने मेले में जमकर खरीददारी की।
इस
दौरान पुरानी परंपरा का निर्वाहन करते हुए यहां दंगल का भी आयोजन हुआ। इसी
तरह गांव देहात व कस्बों में भी नागपंचमी का पर्व श्रद्धाभाव के साथ मनाया
गया।
नागदेव को दूध पिलाने के लिए लोग सपेरों को ढूंढते रहे। शहर
के साथ ही गांव व कस्बों में नागदेव के दर्शन कराते हुए सपेरे नजर आए।
लवेदी प्रतिनिधि के अनुसार नागपंचमी के अवसर पर कस्बा लखना में नया नहर पुल
के पास ईकरी रोड पर स्थित शिव मंदिर पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन हुआ।
अखंड
रामायण पाठ पूर्ण होने पर बुधवार को भंडारे का आयोजन हुआ। भारी संख्या में
क्षेत्रीय लोगों ने भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा में
प्रमोद चौहान, श्याम तिवारी, लालजी, बंटी तोमर, सुधीर त्रिपाठी, विक्रम
सिंह चौहान, अवधेश तिवारी आदि का सहयोग रहा।