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Etawah News: छतों और गलियों में बंदर, बाहर निकलने से लगता डर

Wed, 03 May 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। शहर में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। घर की छतों और गलियों में बंदर बैठे रहते हैं। ये लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। सामान भी उठा ले जाते हैं। पिछले तीन दिनों में शहर की जय भारत कॉलोनी में चार लोगों को काटकर लहूलुहान किया है।
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बंदर कभी राह चलते लोगों को पर हमला कर रहे हैं तो कहीं घर के आंगन में लेटे लोगों को काट लेते हैं। पक्का तालाब, घटिया अजमत अली, करौल मोहल्ला, जय भारत कॉलोनी, ड्रीम लैंड कॉलोनी, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बंदरों का डेरा है। जय भारत कॉलोनी में तो बंदरों के हमलों कण्कारण लोग घरों में कैद हैं। लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।

प्रतिदिन जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आ रहे 40 मरीज
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 40 मरीज बंदर व कुत्ता के काटने पर इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। एक मई को 40 व मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक 39 मरीज इंजेक्शन लगवाने आए। औसतन रोजाना 35 से 40 मरीज जिला अस्पताल आ रहे हैं। शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बात एक साल की करें तो बंदर व कुत्ता काटे के 992 मरीज आए। मंगलवार को गांव सकुइआ निवासी किशोरी शालिनी के पैर में बंदर ने काट लिया था। करीब दो घंटे बाद किशोरी के परिजन इंजेक्शन लगवाने आए।
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जय भारत कॉलोनी निवासी बालिका गुनगुन सोमवार दोपहर घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बंदर ने उसे खदेड़ दिया। उसने बचने का प्रयास किया, तब तक बंदर ने उसके सिर में काट लिया। काफी देर तक बालिका रोती रही।
जय भारत कॉलोनी निवासी मनीष 28 अप्रैल को छत पर टंगे कपड़े उतारने गया था। इस दौरान ही बंदरों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। वह बचकर निकल तो आया लेकिन बंदर ने झपट्टा माकर उसके कंधे में नाखून मार दिए।
जय भारत कॉलोनी निवासी विनीत ने बताया कि 30 अप्रैल की रात को बिजली न होने की वजह से ऊपर के कमरे में सो रहे थे। कमरा खुला हुआ था। बंदर घुस आया और चेहरे पर काट लिया। बचने का प्रयास किया, तब तक उसने कई जगह दांत मार दिए।

इन्हें भी बंदर बना चुके हैं शिकार
गांव लुहन्ना से आए युवक रॉकी ने बताया कि उसे 28 अप्रैल को बंदर ने पीठ पर काट लिया था। उसी दिन तत्काल इंजेक्शन लगवाने आए थे। दूसरा इंजेक्शन लगवाने आए हैं।


गांव कराहीपुरा के रहने वाले बच्चे अमन को बंदर ने काट लिया था। उस समय वह विद्यालय परिसर में था।


शहर में शिवा कॉलोनी में रहने वाले अरुण प्रताप सिंह को गत 22 अप्रैल को बंदर ने काट लिया था। परिजनों ने बताया कि दो इंजेक्शन लग चुके हैं, तीसरा लगवाने आए हैं।

मरीज को तत्काल लगाए जाते हैं दो इंजेक्शन
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ.महेंद्र कुमार ने बताया कि रोजाना उनके पास 35 से 40 बंदर व कुत्ता काटे के मरीज आ रहे हैं। मरीज को तत्काल दो इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहले आरआईजी (रेबीज इम्यूनो ग्लाबिलिन) दूसरा एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) का इंजेक्शन लगाया जाता है। मरीज को चार इंजेक्शन लगते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत 300 से लेकर 350 रुपये है। एक मरीज को 28 दिन में डेढ़ से लेकर पौने दो हजार रुपये खर्च हो जाते हैं।

बंदर या कुत्ता काटने पर यह करें
डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी पशु के काटने के तत्काल बाद काटे गए घाव की साबुन से धुलाई कर दें। जिससे कीटाणु धुल जाएं। इसके बाद बीटाडीन, डिटॉल, स्प्रिट या अल्कोहल में से जो उपलब्ध हो, उसे लगा दें। ऐसा करने से जो कीटाणु होंगे, वह मर जाएंगे। ऐसा करने से 99 प्रतिशत धुलाई हो जाती है। इसके बाद एक प्रतिशत रोल इंजेक्शन का होता है। घाव पर मिर्च मसाला न लगाएं। तत्काल इलाज कराएं।

वन विभाग और नगर पालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए संयुक्त रूप से जल्द अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिन स्थानों पर बंदरों का ज्यादा आतंक हैं वहा लोहे के पिंजरे रखवाए जाएंगे। - विनय मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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