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Etawah News: परीक्षा से ज्यादा बदइंतजामी ने छुड़ाया पसीना

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इटावा। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों बदइंतजामी का भी सामना करना पड़ा। दोपहर में परीक्षा छूटते ही मुख्य सड़कों और चौराहों पर जाम लग गया। हाल यह रहा कि व्यवस्था संभालने के लिए लगाए गए एसडीएम भरथना खुद जाम में फंस गए। ट्रेनों के एसी कोट तक फुल हो गए। बसों में भी सीट के लिए मारामारी मची रही।
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जिले में कुल 64 हजार अभ्यर्थियों को शनिवार और रविवार में 30 केंद्रों पर परीक्षा देनी है। पहले दिन शनिवार को पुलिस-प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम सुबह कारगर नजर आए। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को शहर से बाहर बनाए गए केंद्रों पर पहुंचाने के लिए निजी स्कूलों और रोडवेज की बसें लगाई गई थीं। ऐसे में परीक्षार्थी समय से केंद्रों पर पहुंच गए। पर दोपहर में करीब 12 बजे पहली पाली की परीक्षा समाप्त होते ही इंतजाम नाकाफी नजर आने लगे।
परीक्षार्थियों की भीड़ जैसे ही केंद्र से बाहर आई शहर में जाम लग गया। कटरा शमशेर खां स्थित अर्चना मेमोरियल, शिवाजी शिक्षा निकेतन और ज्ञान स्थली स्कूल से परीक्षार्थियों के एक साथ निकलते ही पूरी रोड जाम हो गई। व्यवस्थाएं देख रहे एसडीएम भरथना कुमार सत्यमजीत भी जाम में फंस गए। करीब एक घंटे तक इस रोड पर जाम रहा। इसका असर महेराचुंगी चौराहे से पंजाबी कॉलोनी तक बना रहा। चौधरी पेट्रोल पंप से शास्त्री चौराहे और नौरंगाबाद भी जाम से जूझे। करीब एक घंटे बाद यातायात सुचारू हो सका। हालांकि शाम करीब पांच बजे दूसरी पाली की परीक्षा छूटते ही यही स्थिति हो गई।
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उधर, ट्रेनों की भी फुल रहीं। दोपहर करीब 12:56 पर आई महानंदा एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस फुल होकर गईं। एसी और स्लीपर कोच तक में परीक्षार्थी घुसे रहे। ट्रेनों को आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने सारे सवारियां अंदर होने के बाद ही रवाना होने दिया। इस बीच महानंद करीब दो मिनट देरी से छोड़ी गई। शाम को पांच बजे परीक्षा छूटने के बाद भी यही स्थिति देखी। उधर, बसों में भी भीड़ रही। हालांकि बसों की संख्या बढ़ने की वजह से अभ्यर्थियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा।



डीएम-एसएसपी के दौरे के बाद पहुंचाया मोबाइल टॉयलेट
डीएम ने नगर पालिका को शहर के सभी प्रमुख चौराहों और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर मोबाइल टॉयलेट का भी इंतजाम कराने का आदेश दिया था, लेकिन सुबह के समय रेलवे स्टेशन पर मोबाइल टॉयलेट नहीं पहुंचा। पहली पाली के बाद निरीक्षण करने निकले डीएम अवनीश राय और एसएसपी संजय कुमार वर्मा के पहुंचने की सूचना पर नगर पालिका की ओर से मोबाइल टॉयलेट को खड़ा कराया गया। वहीं, डीएम-एसएसपी ने स्टेशन पर बनी हेल्प डेस्क पर छोटी से स्टीकर लगे होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क का बड़ा बैनर लगाया जाए। ताकि छात्रों को दूर से ही नजर आए। डीएम ने स्टेशन पर जमीन पर बैठे कुछ छात्रों से बात की। उन्हें रैन बसेरे में जाकर रुकने की सलाह दी।



ऑटो-ईरिक्शा वाहनों ने दोगुने वसूले, फल वालों ने भी अधिक दाम लिए


अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए ऑटो, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों ने भी खूब चांदी काटी। स्टेशन से इस्लामियां इंटर कॉलेज तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो वालों ने 10 की जगह 20 रुपये तक वसूले। वहीं, चौराहों, स्टेशनों और बस स्टैंड पर लगे फलों के ठेलों पर भी 30-40 रुपये बिकने वाला पपीता 60 रुपये किलो बेचा गया। अंगूर और संतरें भी 40 से 60 रुपये किलो के भाव में बिके।



स्टेशन और रैनबसेरों में काटी रात
परीक्षा के एक दिन पहले जिले में पहुंचे अभ्यर्थियों ने रैन बसेरों और स्टेशन, बस स्टैंड पर बैठकर रात बिताई। रात में अभ्यर्थी मोबाइलों और किताबों से पढ़ते नजर आए। वहीं, केंद्रों के बाहर बैठे अभ्यर्थी भी अंत तक रिवीजन करते रहे।
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