इटावा। नए साल का आधा महीना बीतने के बाद आम जनमानस पहली बार रविवार को गलनभरी ठंड से दिनभर कंपकंपाते रहे। रविवार को 26 दिन बाद न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सुबह की शुरुआत कोहरे और बदली से होने की वजह से लोगों की दिनचर्या ही गड़बड़ा गई। हालांकि, अवकाश का दिन होने की वजह से लोगों ने कड़ाके की ठंड और बाहर के बिगड़े मौसम के हालात को देखकर घर पर ही रहना मुनासिब समझा।
दोपहर 12 बजे के बाद हल्की धूप निकलने से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। पिछले महीने 19 व 20 दिसंबर को लगातार दो दिन तक न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहने के बाद रविवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहा।
शनिवार के पांच डिग्री की अपेक्षा एक डिग्री की कमी देखने को मिली। पिछले कई दिनों से पड़ रही गलनभरी ठंड लोगों को अब घरों से बाहर निकलने में डरा रही है।
बदली और गलन का दौर चलने से लोगों की दिनचर्या तक बदल कर रह गई है। लोग सर्दी से बचने और बचाने का प्रयास करने में लगे हुए हैं। घरों में कई-कई बार चाय या कॉपी पीने का दौर भी चलता रहा।
आलम यह है कि जितने भी गर्म कपड़ा पहनो और सिर व कान ढककर निकलो, सर्दी पीछा नहीं छोड़ रही है। लोग ठंड से बचने के लिए आग जलाकर बैठे दिखाई पड़ रहे हैं। बावजूद इसके आग से हटते ही कंपकंपी फिर से लगने लगती है।
जरा सी लापरवाही होने पर लोग सर्दी, जुकाम और खांसी से ग्रसित हो रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए लोग सर्दी, खांसी, जुकाम से अपने को बचाने में लगे हैं।
शीतलहर से बेजुबान भी खासे परेशान
कोहरे और गलनभरी ठंड की वजह से बेजुबान जानवर और पशु-पक्षी भी खासे परेशान हैं। ठंड से बचने की उचित जगह नहीं मिल पा रही है। घुमंतू पशु भी सिर छुपाने के लिए दिनभर घूमने के बाद रात में सिर छुपाने के लिए जगह तलाशते रहते हैं।
पक्षी भी कोहरे के वजह से घोसले भीगने के चलते ज्यादा बेहाल हैं। ऐसे में इन्हें खुद की और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए शाम होते ही काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है।
शहर में सन्नाटा, संडे बाजार में रौनक
सुबह से ही कोहरा और बादल होने से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठंड और रविवार होने से शहर में सन्नाटा छाया रहा। सरकारी दफ्तर, बैंक आदि बंद होने से लोग घरों से नहीं निकले।
इसके अलावा बाजार में भी दुकानें बंद रहीं, जिससे सन्नाटा छाया रहा, लेकिन शहर के नुमाइश गेट से लेकर पुलिस लाइन तिराहे तक लगने वाले संडे बाजार में खूब चहल-पहल रही।
नुमाइश से ज्यादा भीड़ संडे बाजार में थी। गर्म कपड़े खरीदने के लिए महिलाओं और बच्चों की भीड़ उमड़ी पड़ी। हालांकि, नुमाइश 14 जनवरी को पूरी तरह से खत्म हो गई है, लेकिन दुकानें अभी लगीं हुईं हैं।
बावजूद इसके संडे बाजार में गर्म कपड़े खरीदने के लिए महिलाएं ज्यादा नजर आईं। संडे बाजार में गर्म कपड़ों के अलावा अन्य सामान्य की भी खूब खरीदारी की गई।
तापमान बढ़ेगा, पर बादल छाये रहेंगे
मौसम के जानकार और मौसम विभाग से जुड़ी वेबसाइट के अनुसार, लोगों को अभी बादलों से निजात नहीं मिलेगी। खिली हुई धूप से अगले एक हफ्ते तक लोग वंचित रह सकते हैं।
हालांकि, इस बीच न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी। इस बीच हवाएं भी चलने के आसार हैं। बादलों की लुकाछिपी सप्ताह भर चल सकती है। ऐसी संभावना जताई जा रही कि शनिवार और रविवार को हल्की बारिश भी हो सकती है।