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हजरत कासिम की याद में उठा मेहंदी का जुलूस

Fri, 23 Oct 2015 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा।
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इटावा। हजरत कासिम की शहादत की याद में आठ मोहर्रम को स्थानीय कटरा साहब खां स्थित दरगाह अबुल हसन वारसी इमामबाड़ा से अलम चौकियों एवं मेहंदी का ऐतिहासिक जुलूस उठाया गया। इसमें बारह अखाड़ों के उस्ताद व खलीफा मय अपने निशान व परचम के साथ शामिल हुए। जुलूस में लगभग दो दर्जन अलम-तुगरे आकर्षण का मुख्य केंद्र थे।
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जुलूस में जिले के अलावा आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर, फर्रुखाबाद, मैनपुरी व मध्य प्रदेश के भिंड व ग्वालियर के हजारों श्रद्धालुजन उमड़ पड़े। इस जुलूस ने लगभग चौदह घंटे तक नगर की प्रमुख सड़कों का भ्रमण किया। हजरत कासिम की याद में उठने वाले मेहंदी के तुगरे को अबुल हसन वारसी दरगाह के सेक्रेटरी हसन जलीस वारसी ने रवाना किया। सबसे पहले मेंहदी तुगरा व अलम चौकियों को कटरा साहब खां पंजाबी मुहल्ला मस्जिद के समीप स्थान पर लाया गया। वहां पर शहर के मशहूर बैंडों ने मातमी धुने बजाकर हजरत इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मरहूम शेख असद हुसैन वारसी के मेहंदी चबूतरे में सभी अखाड़ों के उस्ताद व खलीफा अपने शिष्यों के साथ तलवार, बरछी, मुगदर, लकड़ी व बानें के साथ एकत्रित हुए। सभी ने अपने हुनर व हैरतअंगेज करतब दिखाकर सलामी देकर हजरत इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला की याद में सराबोर हो गए।
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 इसके बाद रात भर नगर के हर चौराहे पर अखाड़ा जमाया गया। इन सबके दर्शन करने एवं छटा को देखने के लिए श्रद्धालु जुलूस मार्गों पर उमड़ पड़े। मेहंदी में लगभग तीन दर्जन मेटाडोर व छोटे चार पहिया वाहन थे, जिन पर लाउडस्पीकर लगे थे। इस अवसर पर जुनैद तैमूरी, मुश्ताक खलीफा, गुड्डू खलीफा, खादिम अब्बास, डा. अयाज अली, निहाल व चौधरी निजाम भाई, मुमताज, हाजी अब्दुल मन्नान खां मंसूरी, हाजी फजल यूसुफ खां, जुग्गन कुरैशी, हसनैन वारसी, हनी, साजिद हुसैन वारसी, यूसुफ वारसी शामिल रहे।
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