एमबीबीएस छात्रों से बातचीत करते पूर्व केबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव।
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सैफई। सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों और कुलपति के बीच चल रहा विवाद बुधवार को छठवें दिन समाप्त हो गया। इसके लिए दिनभर विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलित छात्रों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। बुधवार को सैफई आए सपा विधायक और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव से आंदोलित छात्रों ने मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। एक एमबीबीएस छात्र की मां की मौत के बाद छात्रों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर तोड़फोड़ की थी। उधर, कुलपति आवास में की गई तोड़फोड़ एवं पथराव की घटना में अज्ञात 200 एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से छात्रों में रोष है।
छठवें दिन एमबीबीएस के छात्र धरने पर बैठे। दोपहर 12.30 बजे क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस सैफई में सभी छात्रों को बुलाया। उनसे लगभग एक घंटे बातचीत की। उसके बाद उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा। पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा। छात्रों से विधायक शिवपाल सिंह की बातचीत के दौरान मीडिया और अन्य किसी को गेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद सभी छात्र फिर धरनास्थल पर जाकर बैठक गए। शाम लगभग 4.30 बजे छात्रों ने अपने टेंट कनात समेट लिए। धरना समाप्त कर दिया। धरना समाप्त होने के बाद एसडीएम सैफई सिद्धार्थ, सीओ सैफई अंजनी कुमार चतुर्वेदी एमबीबीएस छात्रों के हास्टल में गए। उनके रहने-खाने, बिजली, साफ सफाई की समस्या देखी। सबको ठीक कराने का भरोसा दिलाया। हास्टल में कर्मचारियों से कहा गया कि बीच-बीच में कभी भी प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी हास्टल में निरीक्षण करने आ सकते हैं। छात्रों की जो मांगे थीं उनको शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। छात्रों ने कुलपति की पत्नी गीता प्रभाकर की ओर से 200 एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर का भी मुद्दा उठाया। छात्रों ने कहा कि उत्पीड़न नहीं सहेंगे।
छात्रों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक होगा विचार: कुलपति
सैफई। उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डा. टी प्रभाकर ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एमबीबीएस दूसरे वर्ष के स्टूडेंट दिग्विजय सिंह की मां मनीषा देवी पत्नी कमाल सिंह महाराजपुर, औरैया निवासी के 15 सितंबर के निधन के बाद चल रहे मेडिकल स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन छठवें दिन वार्ता के बाद समाप्त हो गया। वार्ता के दौरान मेडिकल स्टूडेंट्स की समस्याओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही गई।