फोटो संख्या 23,24 पीतल की मूर्ति व वस्त्र इत्यादि खरीदतीं महिलाएं
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लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिए सोमवार को बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ने से लोगों को जाम का सामना भी कई बार करना पड़ा। बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ महिला खरीदारों की रही।
महिलाएं भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के लिए घर में झांकी लगाने के लिए पीतल की छोटी बड़ी मूर्तियां, मालाएं वस्त्र, बांसुरी, झूला, घंटी और दीपक खरीद रहीं थीं। इसके अलावा मिट्टी के कृष्ण, राधा-कृष्ण की मूर्ति खरीद रहीं थीं।
शिव कुमार ने बताया उसके पास कृष्ण और राधा-कृष्ण की मूर्तियों की कीमत डेढ़-डेढ़ हजार रुपये तक की है। लड्डू गोपाल की मूर्ति 550 रुपये है। इसके अलावा मटकी 30, दीपक 50, नाग 70 रुपये में है।
पीतल की मूर्ति बेचने वाले रमाकांत वर्मा वैद्य ने बताया कि उनके यहां झूला कीमत 50 रुपये से लेकर 4500 रुपये है। मूर्ति 75 रुपये से लेकर 11000 रुपये तक है। वस्त्र 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक है।
झांकी सजाने के लिए जेल 80 से लेकर 250 रुपये तक इसके अलावा अन्य सजावटी सामान है। दुकानदार अजहर ने बताया इस बार सामान पिछले साल की अपेक्षा दो गुना महंगे हैं। दीपक ने बताया मिट्टी के खिलौने के दाम पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि कम बिक्री अभी हुई है।
खीरा 50 रुपये में बिक रहा भगवान श्री कृष्ण की पूजा के लिए खीरा का काफी महत्व है। लेकिन जन्माष्टमी आते ही खीरा के दाम अभी से ऊंचाई छूने लगे। बाजार में खीरा 50 रुपये तक बिक रहा था।