बकेवर (इटावा) कस्बे के रहने वाले रहीश ने ईमानदारी का परिचय देते हुए एक लाख कीमत के जेवरात लौटा दिए।
दरअसल, लखना कस्बे में राधे शर्मा की आटा चक्की है। उस पर मजदूरी पर गेहूं पीसने का काम बकेवर के रहीश करते हैं। रविवार को गेहूं पिसाने के लिए कस्बे के भिटारी मोहाल में ही रहने वाले प्रेमचंद कुशवाहा पहुंचे।
गेहूं का बोरा चक्की पर पिसने के लिए रखकर चले गए। रहीश ने कुछ देर बाद बोरा खोलकर पिसाई के लिए गेहूं निकाल रहे तो उसमें एक लेडीज पर्स मिला, जिसमें रखे सोने के आभूषण थे। उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए प्रेमचंद उर्फ कल्लू को बुलाकर ये सब लौटा दिया।