औरैया में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद अब प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों की सुध लेना शुरू कर दिया है। जिले की उदी और जसवंतनगर सीमा पर बनाए गए दो कलेक्शन सेंटर पर 2700 प्रवासी मजदूर पहुंचे। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भोजन कराया गया। फिर 80 बसों से गंतव्य स्थान के लिए भेज दिया गया।
डीएम जेबी सिंह ने बताया कि विभिन्न शहरों और राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए सीमा पर ही कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इसमें एक कलेक्शन सेंटर जसवंतनगर के पास जौनई बॉर्डर पर एवं दूसरा उदी के पास चंबल पुल पर बना है। सीमा पर आने वाले मजदूरों को पहले कलेक्शन सेंटर में रोका जाएगा। फिर वहां से उन्हें आश्रय स्थल लाया जाएगा। जांच के बाद उन्हें बसों से उनके गंतव्य को भेजा जाएगा।
डीएम ने बताया कि रविवार को राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से करीब 2700 प्रवासी पहुंचे हैं। इनमें से अधिकतर बिहार जाने वाले हैं। उदी के चंबल पुल के कलेक्शन सेंटर पर करीब 2500 प्रवासी पहुंचे। इन्हें बसों से प्रदर्शनी पंडाल में बनाए गए आश्रय स्थल लाया गया। यहां पहुंचे सभी मजदूरों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। इसके बाद सभी के खाने-पीने का प्रबंध किया गया। करीब 2500 मजदूरों को 70 बसों से मऊ, संत कबीरनगर, बाराबंकी, रायबरेली, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया आदि जिलों के लिए भेजा गया। इसके साथ ही देर रात तक भी मजदूरों के आने का क्रम जारी है।
इसके अतिविरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि कलेक्शन सेंटर पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। नुमाइश पंडाल में एडीएम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, एआरएम राजीव कुमार शर्मा, स्टेशन अधीक्षक महेश चंद्र आदि उपस्थित रहे।
जसवंतनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के जोनई बॉर्डर पर 200 प्रवासी मजदूर पहुंचे। इसमें 120 मजदूरों को शिवपाल सिंह महाविद्यालय और 80 को प्रभु मैरिज होम में रखा गया। सभी की यहीं पर खाने-पीने की व्यवस्था की गई।
एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने बताया कि ये मजदूर दिल्ली, राजस्थान से आ रहे हैं। इसमें कई उप्र के कई जिलों तो कई मप्र के हैं। सभी को घर भेजने के लिए 10 बसों की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर और बसें भी मंगाई जाएंगी।