चिंडौली गांव के पास रविवार सुबह डोंगी (नाव) से यमुना नदी पार करते एक युवक डूब गया। गोताखोर न होने पर गांव के तैराक लड़कों से पुलिस ने खोजबीन कराई। शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल पाया। युवक अपनी दवा लेकर घर लौट रहा था।
बढ़पुरा थाना क्षेत्र के मिहौली की मड़ैया गांव निवासी सुनील (30) पुत्र चतुर सिंह राजपूत अपने ताऊ के 10 साल के बेटे माखन के साथ रविवार सुबह 8 बजे अपनी दवा लेने चिंडौली गांव गया था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे यमुना पार चिंडौली गांव से डोंगी में बैठकर लौटते समय वह नदी में डूब गया। सुनील के भाई गोविंद राजपूत ने बताया कि सुनील के डूबने पर माखन ने अंगौछा पकड़ाकर बचाने का भी बचाने किया था। लेकिन, अंगौछा पकड़ने से पहले ही वह पानी में डूब गया।
बढ़पुरा थाना प्रभारी निरीक्षक जीवाराम व उप निरीक्षक नेम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि चिंडौली गांव के ही तैराक लड़कों को बुलाकर खोजबीन कराई है। गोताखोरों को भी बुलाया है। रविवार देर शाम तक सुनील का कोई पता नहीं चल पाया। सदर तहसीलदार एन राम ने बताया कि लेखपाल गोपाल को मौके पर भेजा है।
उधर मिहौली की मड़ैया गांव में सुनील के यमुना में डूबने की खबर पहुंचते ही घर में रोना पिटना मच गया। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लापता सुनील की पत्नी रानी रो रोकर बेहाल रही। उसके चार साल का बेटा है। चतुर सिंह के तीन बेटों में सुनील सबसे बड़ा, दूसरे नंबर पर गोविंद और फिर श्रीकृष्ण है।
ग्रामीण श्याम चौहान ने कहा कि पुल न होने की वजह से यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने थाना पुलिस पर भी खोजबीन में देरी करने का आरोप लगाया। हालांकि थाना प्रभारी ने कहा कि खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए। गोताखोरो के न होने पर गांव के तैराक लड़कों से युवक की तलाश कराई है। लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। रविवार शाम करीब 6 बजे तक गोताखोर नहीं आ पाए।