नामचीन कंपनियों के नाम से मिलते जुलते नामों से फर्जी एप व वेबसाइट बनाकर
ठगी करने वाले शतिरों ने 10-20 नहीं 100 ज्यादा लोगों को रुपयों को डॉलर में बदलने से झांसा देकर ठगा है। इनमें अमेरिका समेत विदेशों के कई लोग शामिल हैं।
यह बात पकड़े गए गैंग के पांच शातिरों से पूछताछ में सामने आई है। छानबीन के दौरान यह बात भी सामने आई है आरोपियों के बैंक खातों से एक साल के भीतर छह करोड़ अधिक का लेनदेन हुआ है। अभी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीओ सदर राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में चौकाने वाले कई तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों ने कानपुर, एटा, इटावा समेत यूपी के कई जिलों के लोगों को अपना शिकार बनाया। साथ ही कई विदेशी भी आरोपियों के जाल में फंसकर लाखों गवां बैठे।
सीओ के मुताबिक आरोपियों ने गैंग में शामिल कई और लोगों के नाम व पते बताए हैं। आरोपियों के बयानों की तस्दीक किया जा रहा है। जल्द ही साइबर ठगी से जुड़े मामलों में कई और शातिरों की गिरफ्तारी हो सकती है।
बता दें कि एटा जिले के द्वारकापुरी निवासी यशोदा नंदन ने पांच मार्च को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके साथी मोहम्मद सामीन दीवान इंटरनेशनल (फर्म) में पार्टनर हैं। एक मार्च को सामीन ने उसे सदर कोतवाली क्षेत्र के पक्का तालाब चौराहे के पास मिलने के बुलाया।
वहां पर सामीन के साथ हरबंशपुर थाना सजेती, कानपुर नगर निवासी सौरभ शुक्ला व फतेहपुर के हरिहरगंज निवासी कुलजीत सिंह से मुलाकात हुई थी। सौरभ व कुलजीत ने बातचीत के दौरान ग्लोब-पे वेबसाइट के माध्यम से ऑन लाइन कम कीमत पर रुपये को डॉलर में बदलने का सांझा देकर यशोदा नंदन से आठ लाख रुपये ठग लिए थे।
इस मामले में सर्विलांस टीम व सदर कोतवाली पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सोमवार को पक्का तालाब चौराहा के पास से कुलजीत सिंह, सौरभ शुक्ला के साथ ही रामनगर फैंड्स कालोनी निवासी राजकुमार दिवाकर, नौरंगाबाद के दीपक शर्मा और वीर नगर, आगरा के चरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
। इनके पास से पुलिस ने लैपटॉप, टैबलेट, चार मोबाइल, चार चेक बुक व एक पासपोर्ट बरामद किया था।