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एसएसपी आवास के सामने परिजनों का हंगामा

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इटावा। कचहरी के पास स्थित एसएसपी आवास के बाहर शुक्रवार की सुबह आरोपी सूरज सिंह के परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने सूरज को फर्जी फंसाए जाने का आरोप पुलिस पर लगाया। सूरज की बहन नीलम व कविता का आरोप है कि सभासद प्रेमलता के भाई ने लक्ष्मी की हत्या की। हंगामे की सूचना पर सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा कर रहे लोगों को समझाया और फिर जांच का भरोसा देकर वहां से चलता कर दिया। इस दौरान सूरज की बहनें, मां व परिवार की अन्य लोग बिलखते रहे। पुलिस अधिकारियों को घटना से जुड़ा वीडियो भी दिखाया। कहा कि 17 अगस्त को सूरज सभासद के घर गया था, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला था। इस पर वह बैरंग ही लौट गया था।
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लक्ष्मी दिवाकर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा भले ही कर दिया हो, लेकिन पुलिस की तरफ से बताई गई हत्या की कहानी में झोल ही झोल हैं। इनका संतोषजनक जवाब पुलिस अफसरों के पास नहीं था। वह अधिकांश सवालों पर एक ही बात कहते रहे कि प्रथम दृष्ट्रया मामले की छानबीन में सामने आए तथ्यों व आरोपी सूरज सिंह का कबूलनामे के आधार पर घटना का खुलासा किया गया है। बाकी विवेचना अभी जारी है। नामजद आरोपियों को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है।
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- जब दोनों के बीच विवाद हुआ तो किसी ने भी शोरगुल की आवाज नहीं सुनी।
- घटना के वक्त सभासद व उनके बच्चे घर में मौजूद रहे और सूरज हत्या करके चला गया।
- इशारे से आरोपी लक्ष्मी को मकान की ऊपरी मंजिल में ले गया। जहां आरोपी व नौकरानी के नजर न आने पर भी किसी ने उन्हें ढूंढने का प्रयास नहीं किया।
- आरोपी ने अकेले ही लक्ष्मी की हत्या की। शव को फांसी पर लटका दिया। यह संभव है क्या कि अकेला आदमी लड़की की हत्या कर दें और शव को फंदे पर लटका दें। इस काम में कम से कम 20 से 25 मिनट का वक्त लगा होगा, ऐसे में घर में मौजूद लोग कहां व्यस्त रहे, जो उन्हें घटना का पता नहीं चला।
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- आरोपी का कहना है कि सभासद के घर में ही वह लक्ष्मी से मिलता-जुलता था, तो तीन महीने से दोनों में चल रहे प्रेम प्रसंग का नामजद लोगों का पता नहीं था। पुलिस की पूछताछ में किसी ने सूरज व लक्ष्मी के प्रेम प्रसंग के बारे में नहीं बताया।
- तहरीर के मुताबिक पांच लाख दस हजार रुपये लड़की के पास कहां से आए।
- वह सभासद को अगर रुपये रखने के लिए देती थी तो आखिर क्यों देती थी।
- लक्ष्मी के शव से मिली पर्ची उसके कपड़ों में किसने रखी। जबकि पुलिस के मुताबिक मौके पर कोई पर्ची नहीं मिली थी। इसके अलावा कई और सवाल हैं, जो अनसुलझे हैं।
एसएसपी का कहना है कि सभासद प्रेमलता का भाई घर आने के बाद कमरे में हेलमेट रखने गया था। उसी दौरान लक्ष्मी का फांसी पर लटकता देख शोर मचाया था। घटना के वक्त सभासद के पति दिलीप भी घर पर नहीं थे।
एसएसपी का कहना है कि सभासद के घर में नौकारानी लक्ष्मी के आत्महत्या कर लेने की सूचना पर महिला दरोगा समेत कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। महिला दरोगा ने शव की तलाशी ली थी, उस समय पुलिस को कोई पर्ची नहीं मिली थी। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लाए, जहां पुलिस को शव से एक पर्ची मिली, जिसमें लिखा था कि सभासद के पास मेरे पांच लाख दस हजार रुपये है। वह मुझे नहीं दे रही है। पुलिस ने हेड राइटिंग का मिलान कर रही की, किसने यह पर्ची लिखी। उसका क्या मकसद था।
मैकूलाल दिवाकर की बेटी लक्ष्मी की शादी कुछ दिनों पहले एक युवक से तय हुई थी। कुछ दिन बाद उसका रिश्ता युवक से टूट गया था। इसके चलते परिजन व लक्ष्मी परेशान थी। पहले तो रिश्ता टूटने से परेशान होकर आत्महत्या की बात कही जा रही थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी कहानी ही पलट गई। भाई संजय का आरोप है कि सभासद को बहन के पांच लाख दस हजार रुपये न देना पड़े। इसलिए उसकी हत्या की गई।
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