फोटो संख्या 03- ग्राम पंचायत महेवा
- फोटो : ETAWHA
इस बार भी महेवा नगर पंचायत नहीं बन सकी। तमाम कोशिशों और कवायद के बाद भी ग्राम पंचायत महेवा में फिर ग्राम प्रधान ही चुना जाएगा। एशिया के प्रथम ब्लॉक का दर्जा रखने वाले महेवा को आज तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल सका।
कई बार टाउन एरिया बनाने के लिए प्रस्ताव गए। जनप्रतिनिधियों ने विधान सभा में भी मामला उठाया लेकिन न तो नगर पंचायत बन सकी न ही महेवा की दुर्दशा सुधर सकी।
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे ने वर्ष 2018 में नगर पंचायत का प्रस्ताव भिजवाया। विधायक का संस्तुति लेटर लगवाया। सभी मानक पूरे होने के बाद भी महेवा को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिला। एक बार फिर से प्रस्ताव नगर विकास मंत्री ने मांगा है।
महेवा को नगर पंचायत बनाने के लिए चार बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। 2009 में बसपा के विधायक रहे भीमराव अंबेडकर ने प्रस्ताव भेजा था।
उसके बाद सपा शासन आने के बाद 2015 में जनपद की तीन ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में परिवर्तन के लिए महेवा ,अहेरीपुर व बसरेहर का प्रस्ताव मांगा गया था। 2018 में व वर्तमान में फिर से अक्टूबर 2020 में प्रस्ताव भेजा गया है।
आदर्श सांसद ग्राम योजना में तत्कालीन सांसद अशोक दोहरे ने महेवा को आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में चुना था। आला अधिकारियों ने 48 बिंदुओं पर कार्य योजना भी बनाई थी। योजना योजना ही रह गई। जलापूर्ति के लिए पानी की टंकी ही बन पाई।