इटावा के सिविल थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला जगे निवासी प्यार में पागल युवक ने मंगलवार देर रात सो रहे परिजनों को जलाकर मार डालने की कोशिश की थी। यदि दूसरे कमरे में सो रही बहन सही समय पर नहीं चीखती तो बड़ी वारदात हो सकती थी। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। नगला जगे निवासी विमल उर्फ भोले बस चालक है।
युवक की बुआ मीरा देवी ने बताया कि भोले आठ दिन पहले दिल्ली गया था। वहां से नगोई निवासी प्रेमिका को इटावा ले आया था। घर वालों के डर से उसने प्रेमिका को बुआ के घर जनपद मैनपुरी में रोक दिया था। 26 जनवरी को प्रेमिका को लेकर वह नगला जगे पहुंचा, तो परिजनों ने दोनों की शादी कराने से इनकार कर दिया।
इस बात से गुस्साए भोले ने मंगलवार दोपहर तीन बजे घर में आग लगाने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने पकड़ लिया था। रात को उसने फिर कोशिश की। इस बार घर के साथ वह घरवालों को भी जलाने की फिराक में था। रात 12 बजे वह उठा और जिस कमरे में मां, भाई-बहन और बुआ सो रहीं थीं उसमें खिड़की से पेट्रोल डाला और आग लगा दी। भोले कमरे की कुंडी बाहर से बंद करने ही वाला था कि दूसरे कमरे में सो रही छोटी बहन ने चीखना शुरू कर दिया।