चकरनगर। लॉकडाउन में बाजार बंद होने और सादगी से शादियां होने से टमाटर की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। बिक्री न होने से टमाटर खेतों में सड़ रहा है। अन्य सब्जियों का भी यही हाल है।
क्षेत्र के किसान चंबल नदी किनारे जायद में तरबूज, खरबूजा, टमाटर और अन्य सब्जियों की खेती करते हैं। इस समय फसल तैयार है लेकिन बाजार में भाव नहीं मिल रहा है। हालत ये है कि सब्जियां खेत पर ही सड़ रही हैं। सबसे ज्यादा टमाटर खराब हो रहा है।
सहसों गांव के किसान अनिल तिवारी ने कहा कि लॉकडाउन में बाजार बंद होने से सब्जियां नहीं बिक रही हैं। टमाटर एक रुपये प्रति किलो में भी नहीं बिक रहा है। अनिल ने बताया कि इस बार पैदावार तो अच्छी है लेकिन बिक्री न होने से लागत भी नहीं निकल रही है। दो वर्ष पहले तक गर्मियों में टमाटर थोक में 80-90 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता था।
लौकी, तरोई में भी लागत नहीं निकल रही है। किसान गोविंद सिंह नीरज, नरेंद्र सिंह, वीरे, बंटी, पप्पू राजपूत आदि ने बताया कि सब्जी विक्रेताओं को किसी तरह मनाकर उपज बेच रहे हैं। किसानों ने बताया कि खरबूजा और तरबूज की फसल अच्छी नहीं है।