इटावा। लायन सफारी में शेरनी जेसिका दूसरे दिन अपने शावक को दूध पिलाकर दुलार रही है। सफारी प्रशासन के लिए सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि वह शावक को दूध पिलाने लगी है। अमूमन शेरनी प्रजनन के बाद शावकों को छोड़कर चली जाती है। ऐसे में शावकों को जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है। पूर्व के अनुभवों से सफारी प्रशासन को इस बार काफी राहत है। शावक खूब हष्ट पुष्ट है। अभी उसने अपनी आंखें भी नहीं खोली है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से शावक और शेरनी की हर गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है।
शेरनी हीर ने 18 जुलाई 2015 को दो शावकों को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही शेरनी हीर ने दोनों शावकों से मुंह मोड़ लिया। उन्हें दूध भी नहीं पिलाया। मां से अलग होने के कारण दोनों शावकों की उसी दिन मौत हो गई है। शेरनी जेसिका ने पहले भी दो शावकों को जन्म दिया। उसने पहले भी अपने शावकों को पूरा दुलार दिया। दोनों शावक शिंबा और सुल्तान इस समय सफारी की रौनक बने हुए हैं। जेसिका शावकों के लिए अच्छी मां साबित हुई है।
हालांकि शेरनी जेसिका से कम से कम दो या तीन शावकों के पैदा होने की उम्मीद लगाई जा रही थी। सोमवार को उसने एक शावक को ही जन्म दिया। रात दो बजे तक सफारी के अधिकारी जागते रहे। परंतु इसके बाद कोई हरकत नहीं हुई। इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि 12 घंटे तक तो उम्मीद थी। अब और शावकों के जन्म लेने की उम्मीद नहीं है। शेरनी ने एक ही शावक को जन्म दिया है। वह शावक का पूरा ख्याल रख रही है। आने वाले दो तीन दिनों में शावक अपनी आंखें खोलेगा। इसके बाद ही उसके नर या मादा होने की जानकारी मिल सकेगी।