कुनैरा 132 के वी सब स्टेशन के ओेवरलोडिंग होने के कारण शहरी क्षेत्र को निर्बाध सप्लाई नहीं मिल पा रही है। शासन के निर्देश पर लॉयन सफारी क्षेत्र में 132 केवी का सब स्टेशन बनाने के लिए 57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
बिजली विभाग के अफसरों को उम्मीद है कि एक-दो महीने में योजना को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बनने से इटावा को इमरजेंसी में भरथना, सैफई के अलावा सिरसागंज से भी बिजली मिल सकेगी।
शहरी क्षेत्र को बिजली देने के लिए 33के वी के 11 सबस्टेशन है। इन सभी को 132 केवी के कुनैरा सबस्टेशन से सप्लाई मिलती है लेकिन ओवर लोडिंग के कारण शटडाउन और ब्रेकडाउन लेने से उपभोक्ताओं को निर्बाध सप्लाई नहीं मिल पाती है। कई महीने पहले बनकर तैयार किन्हीं कारणों से राजा का बाग सबस्टेशन चालू नहीं हो पा रहा है।
कुनैरा सब स्टेशन रेलवे लाइन के उस पार होने से शहर के आधा दर्जन सब स्टेशनों तक केबिलों से बिजली दी जाती है लेकिन आए दिन ये डैमेज हो जाते हैं। इससे आपूर्ति बाधित होती है।
छह माह पहले विद्युत सलाहकार ने बिजली वितरण व्यवस्था की समीक्षा की थी। तभी लॉयन सफारी क्षेत्र में 132 केवी का सबस्टेशन बनाने का मसौदा तैयार करने के लिए कहा गया था। ट्रांसमिशन विंग ने इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेज दिया है।
57 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सबस्टेशन के लिए रिंग तैयार किया गया है ताकि इटावा को निर्बाध बिजली मिलने में किसी प्रकार की समस्या खड़ी न हो। प्रस्तावित इस सब स्टेशन को 220केवी के सैफई तथा भरथना सब स्टेशनों से तो बिजली मिलेगी ही इमरजेंसी में सिरसागंज से बिजली लेेने के लिए 50 किमी लंबी लाइन भी डाली जाएगी।
अधिशासी अभियंता, रामवीर सिंह ने बताया कि लॉयन सफारी क्षेत्र में 132 केवी के सबस्टेशन के निर्माण पर 57 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। एक-दो माह के भीतर मंजूरी मिल जाएगी। इससे शहर के 60 फीसदी उपभोक्ताओं को ब्रेक डाउन तथा शटडाउन से निजात मिलेगी।
इस सब स्टेशन को सिरसागंज से भी जोड़ा जाएगा ताकि इमरजेंसी में लाभ मिल सके । कुनैरा सबस्टेशन ओवरलोड होने से आ रही परेशान का भी हल निकल आएगा।
सातवां होगा सबस्टेशन
जिलेे में 132 केवी के छह सब स्टेशन है। इनमें से चार भरथना, कुनैरा, सैफई, जसवंतनगर तो पहले से काम कर रहे है। ताखा तथा चकरनगर में सबस्टेशन निर्माणाधीन है। लॉयन सफारी क्षेत्र में प्रस्तातिव सब स्टेशन जिले में 132 केवी का सातवां सब स्टेशन होगा।
दो हेक्टेयर भूमि की डिमांड
सबस्टेशन के निर्माण के लिए बिजली विभाग ने डीएम से सड़क के किनारे दो हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के लिए कई महीने पहले ही गुहार लगा दी थी। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि उपयुक्त जमीन मिल पाना कठिन हो रहा है। जितनी जल्दी जमीन मिल जाएगी। सब स्टेशन का निर्माण कार्य भी उतनी जल्दी से शुरू हो जाने की संभावना है।