शेरों की शरण स्थली लायन सफारी में भालू, एंटीलोप (परमानेंट सींग वाले-काला हिरन, चौसिंघा, नील गाय आदि), तेंदुआ और हिरन (हर साल सींग टूटकर नई उगती है-सांभर, चीतल, बारासिंघा आदि) सफारी के लिए पार्क बनाए जाने को शासन से हरी झंडी मिलने के बाद वन विभाग व निर्माण दायी संस्था आवास विकास ने सफारी पार्क का प्रस्ताव बनाकर सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) को दिया गया। जैसे ही सीजेडए इस पर स्वीकृति देती है लायन सफारी के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लायन सफारी के विस्तार क ो हरी झंडी देते हुए इसके निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार चार नए सफारी कुल 102 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाए जाएंगे जो लायन सफारी के ठीक पीछे पश्चिमी छोर पर लुहन्ना गांव गांव की ओर होंगे। सीजेडए से अनुमति मिलने के बाद लायन सफारी पार्क में भालू सफारी, एंटीलोप सफारी, तेंदुआ सफारी व हिरन सफारी का निर्माण शुरू हो जाएगा। वन विभाग और आवास विकास द्वारा संयुक्त रूप से तैयार प्रस्ताव में सफारी पार्क से जुड़े सभी बिन्दुओं को रखा गया है।
लायन सफारी पार्क का जो प्राथमिक तौर का नक्शा तैयार किया गया है वह कुल 102 हेक्टेयर क्षेत्रफल का है। जिसमें 21 हेक्टेयर में भालू सफारी, 31 हेक्टेयर में एंटीलोप सफारी, 30 हेक्टेयर में मृग सफारी व 20 हेक्टेयर में तेंदुआ सफारी बनाया जाएगा।
सफारी पार्क के बनने वाले चारों सफारी में दो-दो वाटर होल बनाए जाएंगे। इन वाटर होल को बनाने का उद्येश्य ये है कि जानवरों को प्रकृति के निकट रखा जा सके। जिस तरह से जंगलों में पोखरों तालाबों में जानवर अठखेलिंया करते हैं। उसी तरह से सफारी में भी जानवर मस्ती कर सकें। यह वाटर होल जानवरों के लिए प्राकृतिक पेयजल स्थल की तरह होंगे।
इटावा। लायन सफारी पार्क के लायन सफारी में जहां बब्बर शेरों की ब्रीडिंग ब्रीडिंग सेंटर पर कराई जा रही है। वहीं, भालू, तेंदुआ, एंटीलोप व हिरन सफारी में जानवर ब्रीडिंग सेंटर पर नहीं बल्कि प्राकृतिक रूप से ब्रीडिंग करेंगे। यही कारण है कि इन सभी सफारी में ब्रीडिंग सेंटर का निर्माण नहीं किया जाएगा।