सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा लायन सफारी में दो महीने बाद नन्हे शावकों की दहाड़ से गूंज उठेगा।
वाइल्डलाइफ इतिहास में सूबे के के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में अगस्त में पहली बार एशियाई बब्बर शेरों का कुनबा आबाद होने वाला है। इटावा केएशियाई बब्बर शेर प्रजनन केंद्र में करीब 8-9 हफ्ते पहले करवाई गई तीनों जोड़ों की मेटिंग के बाद दो मादाओं में ‘उम्मीदों के लक्षण’ सामने आए हैं।
गर्भवती होने वाली दोनों ही मादा 5-6 साल आयु वर्ग की हैं। इन्हें दिसंबर 2013 में गुजरात के शक्करबाग जू से लखनऊ चिड़ियाघर लाया गया। अप्रैल 2014 में से लेकर सितंबर तक एक-एक कर इन्हें लायन सफारी भेजा गया।
फरवरी-मार्च में सभी जोड़ों की मेटिंग के प्रयास किए गए। यह सब सिंगापुर से आए विशेषज्ञों और आईवीआरआई बरेली के डॉक्टरों के ग्रुप की देखरेख में हुआ। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में हुई।
5-6 हफ्तों की मॉनिटरिंग करने के बाद विशेषज्ञों को उम्मीद की किरण दिखी। करीब 10-12 दिन पहले ही इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली के विशेषज्ञों की टीम ने ब्रीडिंग सेंटर का दौरा भी किया है।
इटावा लायन सफारी, बब्बर शेर प्रजनन केंद्र के निदेशक केके सिंह ने बताया कि बीते दिनों हमने तीनों ही जोड़ों की मेटिंग करवाई। दो मादाओं में
संभावना नजर आई।
40-50 दिन में सकारात्मक लक्षण मिले हैं लेकिन हमें उनके
शारीरिक लक्षणों में बदलाव का इंतजार हैं, जो 80 दिनों की अवधि के पूरा
होते-होते सामने आने लगेंगे। दोनों की राउंड द क्लॉक देखभाल की जा रही है।
400 हेक्टेयर में फैला है लायन सफारी
इटावा में लायन सफारी का सपना सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने देखा था। पिता के इस सपने को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूरा किया है।
400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में डवलप हो रही लायन सफारी में बब्बर शेर प्रजनन केंद्र, सैलानियों के लिए सफारी पार्क के अलावा कई अन्य वन्यजीवों की सफारी भी बनेंगे। इनमें शेरों के रहने के लिए बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं।
सैलानी यहां बख्तरबंद गाड़ियों में एशियाई बब्बर शेरों को बहुत करीब से देख सकेंगे। वर्ष 2015 के आखिर तक इसे पब्लिक के लिए खोले जाने की उम्मीद है।
सफारी में डेवलप होगी ‘अनाकोंडा’ विंग
हॉलीवुड फिल्मों में अपने आकार से लोगों के जेहन में खौफ पैदा करने वाला अनाकोंडा (भारी भरकम अजगर) यहां भी दिख सकता है। सफारी केबड़े हिस्से के जंगलों में अजगरों की खासी मौजूदगी है। अधिकारियों की प्लानिंग है कि एक विंग पाइथन और अनाकोंडा की भी प्रजाति यहां डेवलप किया जाए। अभी यह केवल दक्षिण के कुछ चिड़ियाघरों में हैं।