अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या -5 पीएम त्रिपाठी ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दो आरोपियाें को उम्रकैद और पांच-पांच हजार के जुर्माने से दंडित किया है।
अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया, लेकिन अपील होने पर उसे कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
राज्य की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी इम्तियाज अहमद अंसारी ने बताया कि 20 मार्च 2012 को सागर पब्लिक स्कूल शकुंतला नगर इटावा से वापस जाते समय मंजू देवी निवासी जुगरामऊ को गांव के ही राकेश उर्फ हाथी पुत्र रमेश चंद्र यादव, पवन कुमार यादव पुत्र सुघर सिंह, रविशंकर उर्फ भुलुआ जबरन पकड़ कर ले गए थे।
दूसरे दिन शंकर की बगिया के कुएं में मंजू का शव मिला था। उसके गले में साड़ी का फंदा लगा हुआ था। मृतका के पुत्र गौरव की तहरीर पर पुलिस ने तीनाें आरोपियों के खिलाफ हत्या तथा साक्ष्य नष्ट करने की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना पूरी करने के बाद इकदिल पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
एडीजीसी असंारी ने बताया कि विचारण करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर राकेश उर्फ हाथी और पवन कुमार को कोर्ट ने आजीवन कारावास तथा पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थ दंड ने भुगतने पर तीन- तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने तीसरे आरोपी रविश्ंाकर उर्फ भुलुआ पुत्र बदन सिंह को दोष मुक्त करते हुए आदेश में लिखा है कि उसे अपील होने पर उसे अदालत में पेश होना होगा। इसके लिए उससे बंधपत्र भरवाए गए हैं।