इटावा। विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने मासूम से दरिंदगी के मामले में दोषी विकास राठौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
25 मार्च 2023 को थाना कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आरोपी विकास राठौर ने नाबालिग पुत्री को गुब्बारा देने का लालच दिया और अपने घर ले जाकर यौन उत्पीड़न किया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट में हुई। विकास राठौर को धारा दोषी पाया गया। दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को उसके चिकित्सीय व्यय और पुनर्वास के लिए दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी प्रतिकर दिलाने हेतु निर्देशित किया गया है। यह फैसला समाज में कड़ा संदेश देता है। इससे स्पष्ट है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में तेजी से विवेचना पूरी कर 2 मई 2023 को ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। दोषी को केंद्रीय कारागार भेजने का वारंट जारी किया गया।