कस्बे खिरीटी गांव के प्राइमरी स्कूल के बाथरूम में तेंदुए का शव मिला है। वन अधिकारी हत्या कर शव फेंकने की आशंका जता रहे हैं।
वजह पता करने के लिए वन क्षेत्राधिकारी शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने के लिए बरेली रवाना हो चुके हैं।
चकरनगर सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण चंबल नदी में जहां एक ओर जलीय जीव घडिय़ाल, मगरमच्छ, कछुआ, डॉलफिन को संरक्षित कर उनके कुनबे को बढ़ाने का प्रयास हो रहा है, वहीं वन क्षेत्र में तेंदुए, लकड़बग्गा, शाही, सूकर, शावर जैसे संरक्षित जीवों की उपेक्षा हो रही है।
लगभग पांच-छह वर्ष पहले ग्राम सिंडौस में तेंदुए ने एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया था। उसी समय से यहां के लोग तेंदुओं की जान लेने पर तुल गए हैं।
पिछले दिनों ग्राम बिंडवाखुर्द में खेतों में बिजली के तार बिछाकर तेंदुए को मारा गया। इसमें सहसों थाने में कृषकों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था।
इसके बाद ग्राम पिपरौली गढ़िया में शिकारियों के जाल में फंसकर एक तेंदुए की मौत हो गई थी। चौथा तेंदुआ भरेह थाने के पास झाड़ियों में मृत मिला था।
पांचवां तेंदुआ थाना चकरनगर के ग्राम खिरीटी में मृत अवस्था मे स्कूल के बाथरूम मे पाया गया। शव बदबू दे रहा था।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सेंचुरी क्षेत्र हरकिशोर शुक्ला ने बताया कि तेंदुए की मौत को लेकर विभाग गंभीर है।
शव का पोस्टमार्टम कराने बरेली जा रहा हूं। मौत के कारणों का पता चलते ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। वन विभाग के कुछ कर्मी इसे दुर्घटना मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि तेंदुए की हत्या कर शव को स्कूल में छिपाया गया है।