- जांच में फर्जीवाड़ा मिलने पर सात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
- कठौतिया निवासी आढ़ती राकेश बाबू ने की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
ताखा। ऊसराहार के कठौतिया गांव में जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामले में धोखाधड़ी कर 60 लाख रुपये कीमत की नौ बीघा जमीन को फर्जी दस्तावेज लगाकर मात्र साढ़े छह लाख रुपये में बेच दी। जांच के बाद सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी में प्राथमिकी दर्ज की गई।
गांव निवासी राकेश बाबू गुप्ता की गांव में 15 बीघा जमीन है। वह गल्ला व्यापारी हैं और भरथना में आढ़त करते हैं। गांव में उनका आना-जाना कम रहता है। इसी का फायदा उठाकर सात लोगों ने मिलकर उनकी नौ बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने की साजिश रची। आरोप है कि भरतिया निवासी राकेश कठेरिया ने खुद को राकेश तेली बताकर फर्जी पहचान के आधार पर दो बार बैनामा कर जमीन बेच दी।
पहला बैनामा 20 सितंबर 2025 को चार बीघा जमीन का किया गया, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है, लेकिन इसे मात्र डेढ़ लाख में शिरोमणि यादव निवासी भिटारा, थाना भरथना को बेच दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि बैनामा लेखक विकास यादव उन्हें जानते थे, इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैनामा लिखा गया। साथ ही भुगतान के लिए विक्रेता के बजाय क्रेता के भाई के मोबाइल नंबर दर्शाया गया।
इसके बाद 20 दिन के भीतर ही पांच बीघा जमीन का दूसरा फर्जी बैनामा रजनीश यादव निवासी नगला भगे, थाना ऊसराहार के नाम कर दिया गया। इसमें भी फर्जी फोटो, हस्ताक्षर और गलत मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया। दोनों बैनामों में गवाहों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
पीड़ित ने 13 जनवरी को भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला और एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव से शिकायत की थी। एसएसपी के निर्देश पर हुई जांच में दोनों बैनामा फर्जी पाए गए। इसके बाद राकेश कठेरिया, शिरोमणि यादव, रजनीश यादव, गवाह विमलेश कुमार, अनुज कुमार, गौतम कुमार और बैनामा लेखक विकास यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।