इकदिल थाना क्षेत्र के पक्काबाग स्थित मोहल्ला अर्जुननगर से अपहृत दोनों छात्रों को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर औरैया जिले के सिहोली गांव से बरामद कर लिया। इनमें एक छात्र के भाई ने ही यह वारदात की। लोगों को गुमराह करने के इरादे से उसने अपने भाई को भी अगवा किया।
छात्र का अपहरण पुरानी रंजिश के चलते किया गया था। पुलिस ने एक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। जिस बाइक से छात्रों को ले जाया गया था पुलिस ने उस बाइक को भी सिहोली गांव के एक मकान से बरामद कर लिया है। पुलिस फरार अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी है।
सोमवार की शाम को अर्जुननगर निवासी शिक्षक सुनील बाबू के 11 वर्षींय पुत्र सुशांत उर्फ डायमंड व शुभम पुत्र महेंद्र सिंह निवासी नगला दलप थाना इकदिल हाल पता अर्जुननगर अचानक गायब हो गए थे। परिजनों ने उसके अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस छात्रों की तलाश में जुटी थी।
थानाध्यक्ष दिनेश शर्मा को शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों छात्रों को औरैया जिले के अयाना थाना क्षेत्र के गांव सिहोली में एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया है। इसी सूचना पर उन्होंने महेरा चौकी इंचार्ज अजहर खां को टीम के साथ रवाना किया। पुलिस ने सिहोली स्थित बाबूराम उर्फ बंधानी पुत्र गुलजारीलाल के मकान पर छापा मारकर उसके घर से दोनों छात्रों को बरामद कर लिया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस को उसके घर के पीछे से अपहरण में प्रयोग की गई बाइक भी मिली। पुलिस की भनक लगते ही अपहरणकर्ता सुखवीर उर्फ सुख्खा पुत्र महेंद्र सिंह निवासी सिहोली हाल पता नगला दलप तथा छोटे उर्फ छुट्टू पुत्र बाबूराम फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
बरामद डायमंड उर्फ सुशांत ने बताया कि उसे घर के एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया था। तीन दिन में उसे एक बार ही खाना दिया गया। रोने पर वह धमकी देकर चुप करा देते थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में सुनील कुमार द्वारा सुखवीर उर्फ सुख्खा के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने छात्र को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि गृहस्वामी बाबूराम के घर से छात्र को बरामद किया गया है। पुलिस ने बाबूराम को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। जबकि उसका पुत्र छोटे और सुख्खा भाग निकले। उन्होंने बताया कि अपहरण पुरानी रंजिश के चलते किया गया था।
चौकी इंचार्ज अजहर खां ने बताया कि सुख्खा ने अपने भाई शुभम का अपहरण लोगों को गुमराह करने के लिए किया था। उन्होंने बताया कि शुभम और डायमंड साथ-साथ घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच सुख्खा शुभम और डायमंड को बहला-फुसलाकर अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गया।
उनका कहना था कि अगर किसी को शक होता तो वह यह कह सकता था कि शुभम उसका भाई है और दोनों को घुमाने के लिए ले जा रहा है। दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की थी। बाद में पूरा राज खुला। पुलिस ने शुभम को उसके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।