इटावा/चकरनगर। किसानों को खरीफ की फसल की बोआई रविवार रात से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण रोकनी पड़ी। मानसून की पहली बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई थी। इसके बाद किसानों ने बोआई का कार्य तेजी से शुरू किया था। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। बारिश रुकने के बाद बोआई का कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
पिछले दो-तीन दिनों से शहर से सटे गांवों और बीहड़ी चकरनगर क्षेत्र के कई गांवों में किसान ट्रैक्टरों से जुताई कर रहे थे। कई किसानों ने बाजरा, तिली और अरहर जैसी खरीफ फसलों की बोआई भी शुरू कर दी थी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ फसलों की बोआई मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद सबसे उपयुक्त होती है। पर्याप्त नमी मिलने पर बीजों का अंकुरण अच्छा होता है, जिससे फसल की पैदावार बेहतर होती है। वर्तमान बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। बारिश रुकने और खेत हल्का शुष्क होने के बाद किसान फिर से बोआई कर सकेंगे। मानसून की अच्छी बारिश से बाजरा, मक्का, अरहर और तिली जैसी फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
सहसों निवासी किसान सरदार सिंह यादव ने बताया कि बाजरे की बोआई का कार्य अच्छा चल रहा था। तेज बारिश से काम रुक गया है अब दो चार दिन बाद मौसम साफ होते ही फिर से बोआई शुरू कर देंगे।
कोला निवासी किसान संजू परिहार ने बताया कि इस बार समय पर बारिश होने से बाजरा, अरहर और तिली की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। यदि आगे भी मौसम साथ देता रहा तो फसल अच्छी होगी।