इटावा/बकेवर। कुड़रिया रजबहा में ग्राम इंद्रोसी व पटियां गांव की पुलिया के पास खंती होने से लुधियानी, नगला खादर, इंद्रोसी समेत चार गांवों के किसानों की 200 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसी सप्ताह में दो बार खंती होने से खेत डूब गए। किसानों ने स्वयं ही खंती बंद कराई। सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने रजबहा की सफाई न होने के कारण खंती होने जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के कई बार शिकायतों और अमर उजाला की ओर से खबर प्रकाशित करने के बावजूद जिम्मेदार नहीं चेते। यही वजह है कि नहरों, रजबहों और माइनरों की सफाई सही से न होने की वजह से ओवरफ्लो हो रहे रजबहाव माइनर आए दिन फट रहे हैं। ऐसे में किसानों के खेत जलमग्न होने से सैकड़ों बीघा फसल खराब हो रही है।
शनिवार को भोर में जिस स्थान पर खंती हुई है। उससे पहले इसी सप्ताह में 500 मीटर के दायरे में पहले भी दो बार खंती हो चुकी है। उसमें भी लोगों की करीब 100 बीघा फसल डूब गई थी। कुड़रिया रजवहा के जेई ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि वह मौके पर गए हैं। खंदी किसानों ने बंद कर ली है। उसको सही से बंद कराया जा रहा है। तमाम किसानों ने पटरी काट ली है। जिसके कारण खंती हो जाती है। पटरी को सही कराया जा रहा है।
फोटो 13:::प्रदीप तिवारी
किसान प्रदीप तिवारी कहते हैं कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों का नुकसान हुआ। उनके करीब तीस बीघा गेहूं एक सप्ताह में ही दो बार डूब गए। इससे बड़ा नुकसान है। कई बार शिकायत के बाद सिंचाई विभाग की ओर से रजबहों की सफाई न कराए जाने से यह परेशानी हो रही है।
फोटो 15:::लंकेश
किसान लंकेश तिवारी ने बताया कि उनके खेत में पहले भी खंती होने से पानी भर गया था और शनिवार को भी भर गया उनकी फसल नष्ट होने का डर है। फसल खराब होने से बड़ा नुकसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही का खमियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
फोटो 16:::सोबरन
किसान सोबरन सिंह कहते हैं कि सिंचाई विभाग ने रजबहा की सफाई कराई नहीं है। ऐसे में पानी को पूरे प्रवाह से छोड़कर पानी को टेल तक के गांवों में पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे खंती फट रही हैं और नुकसान किसानों का हो रहा है।
फोटो 14:::रामजी
किसान रामजी कहते हैं कि खंती से खेत में खड़ी गेहूं की फसल डूब गई। पहले भी डूब गई थी। उसका पानी अभी तक नहीं सूखा था। सिंचाई विभाग ने खंती भी बंद नही कराई। किसानों ने मिलकर ही खंती बंद की है।
इन किसानों को हुआ बड़ा नुकसान::::
किसान प्रदीप तिवारी ग्राम लुधियानी करीब 30 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न, तीरान सिंह नगला खादर सात बीघा, बबलू 10 बीघा, कमलेश अवस्थी लुधियानी 10 बीघा, संतोष कुमार नगला खादर आठ बीघा, विजय बहादुर नगला खादर चार बीघा, सुरजन सिंह नगला खादर चार बीघा, सुरेंद्र सिंह नगला खादर चार बीघा, प्रदीप नगला खादर आठ बीघा, रामनाथ चार बीघा राम जी दो बीघा का नुकसान हो चुका है।
बसरेहर में तीन दिन पहले माइनर फटने से डूबी थी 100 बीघा फसल
बसरेहर। बसरेहर में बासक रजबहा का माइनर कट जाने से आसपास के गांवों के किसानों की करीब 100 बीघा फसल डूब गई थी। किसानों ने बमुश्किल जल निकाल पाया है। अभी तक पानी पूरी तरह न निकलने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
कोट
किसान सुविधाओं की वजह से कई जगह खंती खुद काट लेते हैं। ऐसे में कटान बढ़ जाता है पानी की रफ्तार अधिक होने की वजह से आसपास के किसानों के खेतों में भी पानी भर जाता है। सभी नहरों की सफाई कराई गई थी। फिर मामले की जांच कराई जाएगी कि गलती कहा है।
विजय श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग