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कामेत और बकेवर देहात ग्राम पंचायतों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

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फोटो संख्या 33- ग्राम पंचायत बकेवर की गलियां और लगी सोलर लाइट - फोटो : ETAWHA
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बकेवर देहात और कामेत ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। बकेवर देहात को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण और कामेत को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार में पंचायती राज मंत्रालय की ओर से आठ-आठ लाख रुपये के साथ प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। धनराशि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
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दोनों पुरस्कार के लिए जिले की 16 ग्राम पंचायतों ने नवंबर में ऑनलाइन आवेदन किए थे। इसमें आठ ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव जिला स्तरीय समिति ने प्रदेश शासन के माध्यम से भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय को भेजे थे।
गांवों में विकास कार्यों के 17 बिंदुओं पर सत्यापन के बाद बकेवर देहात का चयन किया गया। करीब चार हजार की आबादी वाले गांव में 2172 मतदाता हैं।
जनवरी में विकास कार्यों का सत्यापन करने लिए जनवरी में दो सदस्यीय टीम दिल्ली से आई थी। एडीओ पंचायत श्याम वरन सिंह राजपूत ने बताया कि पंचायत में फंड का सदुपयोग, ग्राम पंचायत में नियमित बैठक, ग्राम समितियों का सक्रिय होना, अभिलेखों का अच्छा रखरखाव टीम को मिला था।
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बढ़पुरा ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कामेत की निवर्तमान ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि कई विकास कार्य कराए। मनरेगा से दस बीघे में मिनी स्टेडियम भी बनवाया है।
बकेवर देहात की निवर्तमान ग्राम प्रधान बिनीश प्रभा ने बताया कि बारात घर निर्माण, तीन स्कूलों का कायाकल्प करवाने के साथ 21 सोलर लाइट समेत कई कार्य कराए।
कामेत ग्राम पंचायत में प्रधान का पद इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। इससे गीता देवी चुनाव नहीं लड़ पा रही हैं। बकेवर देहात का प्रधान पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। इससे निवर्तमान ग्राम प्रधान बिनीश प्रभा भी चुनावी दौड़ से बाहर हैं।
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