सम्मेलन को संबोधित करते दर्शन सिंह
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संयुक्त परिवार आदर्श व संस्कारवान समाज के आधार है। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज संयुक्त परिवार एकल परिवार में बदलते जा रहे है। भारत को बचाना है तो संयुक्त परिवारों को मजबूत बनाना होगा। यह काम माताएं ही कर सकती हैं। यह विचार केंद्रीय समाज सेवा समिति द्वारा नगला राठौर में सोमवार को आयोजित संयुक्त परिवार दिवस सम्मेलन में राज्यसभा सांसद बाबू दर्शन सिंह यादव ने व्यक्त किए।
वह समिति के संस्थापक भी हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज की जो मर्यादाएं तार-तार होती दिखाई दे रही हैं। उसका मुख्य कारण सामूहिक परिवारों का टूटना है। संतान बड़े बुजुर्गों का आदर नहीं कर रहे हैं। पहले संयुक्त परिवारों में घर के मुखिया बच्चों को समझाते थे, तो वे मर्यादा में रहते थे, लेकिन एकल परिवारों में कोई टोकने वाला नहीं होता, इसलिए संतान संस्कारहीन होती जा रही है।
मथुरा से पधारे यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष बाबा जयकिशन दास ने कहा कि आज देश में परिवारों के टूटने का तूफान सा चल रहा है। संयुक्त परिवार न रहे तो समाज भी कैसे बचेगा। इस दौरान समिति ने समाज के सात आदर्श सामूहिक परिवारों के प्रतिनिधियों को माल्यार्पण, शाल ओढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इनमें हरीशंकर यादव नगला रामलाल फिरोजाबाद, दर्शन सिंह यादव नगला दिक्क (करहल), अमर सिंह यादव अधियापुरा, पं. विष्णु भगवान मिश्र इकदिल, लटूरी लाल शाक्य, अमीर सिंह यादव टिंडौली मैनपुरी, शिवराज सिंह गौर मैनपुरी शामिल हैं। इंद्रपाल सिंह आर्य, शशि यादव, लाल बाबा(वृंदावन), बाबा कल्याण दास ने भी विचार रखे। इस मौके पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नीरज यादव, मुकुल कुमार, नितुल यादव, बीरेंद्र सिंह यादव मौजूद रहे। अध्यक्षता वयोवृद्ध यज्ञाचार्य जसवंत सिंह व संचालन सत्यवीर शास्त्री ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में देशराज सिंह, मुन्ना यादव, गुड्डू यादव, योगेंद्र सिंह का सहयोग रहा।