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Etawah News: विभाग को भवन हस्तांतरण के वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सका आईटीआई ताखा

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इटावा/ताखा। करोड़ों रुपये की लागत से बना राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) ताखा भवन हस्तांतरण के वर्षों बाद भी छात्रों का इंतजार कर रहा है। भवन तैयार होने और विभाग को हस्तांतरित किए जाने के बावजूद आज तक यहां शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है। परिणाम स्वरूप ताखा क्षेत्र के छात्रों को प्रवेश तो आईटीआई ताखा के नाम से मिलता है, लेकिन पढ़ाई के लिए इटावा जाना पड़ था।
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वर्ष 2014-15 में तत्कालीन सपा सरकार ने क्षेत्र के छात्रों को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आईटीआई ताखा की सौगात दी थी। भवन निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू हुआ, लेकिन बजट के अभाव में कई बार निर्माण बाधित रहा। अंततः मार्च 2021 को नवनिर्मित भवन का विभाग को हस्तांतरण कर दिया गया। इसके बाद भी न तो शिक्षकों की नियुक्ति हुई और न ही आवश्यक फर्नीचर व अन्य संसाधनों की व्यवस्था की गई। हाल ही में आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण में नोडल प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इटावा अवधेश कुमार ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आईटीआई ताखा को पीपीपी योजना में प्रस्तावित किए जाने के कारण अब तक किसी भी पद की स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
वर्ष 2018 से 2023 तक यहां के छात्रों का प्रवेश राजकीय आईटीआई इटावा में संचालित ट्रेडों में कराया जाता रहा, लेकिन वर्ष 2024 एवं 2025 में ताखा में नए छात्रों के प्रवेश नहीं किए गए। संस्थान में पदों की स्वीकृति, आवश्यक उपकरणों की खरीद, साफ-सफाई और भवन अनुरक्षण के लिए बजट की मांग शासन को भेजी जा चुकी है। विभाग का दावा है कि संस्थान को उसके स्वयं के भवन में संचालित कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन से स्टाफ स्वीकृत होते ही शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। फिलहाल, आईटीआई ताखा का विशाल भवन वर्षों से उपयोग के इंतजार में खड़ा है। क्षेत्र के छात्र और अभिभावक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शासन जल्द पदों की स्वीकृति देकर शिक्षण कार्य शुरू कराए, ताकि तकनीकी शिक्षा के लिए उन्हें दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
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कालेज में 12 ट्रेड कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, टर्नर, इलेक्ट्रीशियन, मेकेनिक, सिविल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, मोटर वाहन मैकेनिक, वेल्डर, प्लंबर, कॉस्मेटोलॉजी, फैशन डिज़ाइन, फिटर मौजूद है। ताखा क्षेत्र के छात्र बॉबी दुबे ने बताया कि क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज का भवन तैयार होने के बावजूद शिक्षण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय युवाओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दूरी अधिक होने के कारण उन्होंने दूसरे स्थान के आईटीआई में प्रवेश नहीं लिया। यदि ताखा का आईटीआई समय पर संचालित हो जाता तो वह यहीं प्रवेश लेकर प्रतिदिन नियमित रूप से पढ़ाई करते। बॉबी ने कहा कि क्षेत्र के कई अन्य छात्र भी इसी वजह से तकनीकी शिक्षा से वंचित हैं।
ताखा क्षेत्र के छात्र अंशुल कठेरिया ने बताया कि यदि क्षेत्र का आईटीआई कॉलेज संचालित हो जाता तो वह घर से प्रतिदिन आकर आसानी से पढ़ाई कर सकते थे। उन्होंने कहा कि शहर में कमरा लेकर रहकर पढ़ाई करना उनके परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण संभव नहीं है। बाहर रहने, भोजन और अन्य खर्चों का बोझ परिवार नहीं उठा सकता। इसी वजह से उन्हें तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंशुल ने मांग की कि ताखा आईटीआई में शिक्षण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के गरीब और ग्रामीण छात्र भी इसका लाभ उठा सकें।

पत्राचार किया जा चुका है। स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को लेकर दिक्कत आ रही है। फिलहाल समाधान निकाला जा रहा है। जल्द ही निदेशालय स्तर से इसका समाधान निकाला जाएगा। उम्मीद है कि इस साल यह आईटीआई शुरू हो जाएगी।
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- अवधेश सिंह, प्रधानाचार्य, आईटीआई
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