सफलता के लिए किसी सुविधा की आवश्यकता नहीं होती है। सीपीएमटी की परीक्षा में 71वीं रैंक पाकर यह कर दिखाया है इटावा के विकास राजपूत ने। जिले का नाम रोशन करने वाले इस मेधावी छात्र का इरादा न्यूरो सर्जन बनकर देश सेवा का है।
सराय दयानत निवासी विकास राजपूत को विज्ञान का मॉडल बनाने पर दस हजार रुपये के पुरस्कार से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय विभाग से सम्मानित किया जा चुका है।
‘अमर उजाला’ से बात करते हुए विकास ने बताया कि उसने परीक्षा की तैयारी के समय लगातार छह से आठ घंटे तक पढ़ाई की थी। उसने अपनी सफ लता का श्रेय माता-पिता क ो देते हुए बताया कि कक्षा छह के बाद से ही वह कानपुर के बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में अध्ययनरत है।
विकास ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 94.4 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। इसक बाद हाईस्कूल की परीक्षा में भी उसने 88.5 फ ीसदी अंक अर्जित किए थे। इलेक्ट्रीसिटी प्रोम अलगी के आधार पर मॉडल बनाने पर उसे विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग से 10 हजार का पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
विकास के पिता राजेश राजपूत एक व्यवसायी है और मां शीला गृहणी। विकास का कहना है कि उसे माता-पिता का सदैव सहयोग मिला है उनकी प्रेरणा से ही सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि विकास को ‘अमर उजाला’ की ओर से भी 2013-14 में अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस का पुरस्कार मिल चुका है।
विकास की रुचि संस्कृति में भी तमाम प्रतियोगिताओं में उसने विजेता का स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा उसके पास एनसीसी का भी ए सर्टीफिके ट है। विकास की सफ लता के बाद से घर परिवार में जश्न का माहौल है।