जिलाधिकारी ने पिछड़ा वर्ग की आबादी का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रपत्र संख्या-एक से सात तक प्रपत्रों में मांगी गई सूचनाओं के बारे में जानकारी दी। वह मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
डीएम नितिन बंसल ने बताया दिया कि सभी विकास खंडों में 13 जून को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर सामग्री तथा प्रपत्र आदि उपलब्ध करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि हर विकास खंड में जोनल अधिकारी इतने पर्यवेक्षक नियुक्त करें, जो 10 से ज्यादा प्रगणकों का कार्य देख सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों के बीच क्षेत्र आवंटन में राजस्व ग्राम विभक्त नहीं होगा। जनपद में त्वरित सर्वेक्षण के लिए 1069 प्रगणक, 107 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। हर पर्यवेक्षक को 1000 रुपये यात्रा भत्ता, 2000 रुपये प्रति पर्यवेक्षक मानदेय दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि औसजन 200 परिवारों पर एक प्रगणक नियुक्त किया गया है। प्रगणक का क्षेत्र आवंटित करते समय यह ध्यान रखना होगा कि कोई परिवार दो प्रगणकों में विभक्त न हो और ग्राम पंचायत का वार्ड भी विभाजित न हो। प्रति प्रगणक 500 रुपये यात्रा भत्ता तथा 1000 रुपये प्रति प्रगणक मानदेय होगा।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अशोक चन्द्र ने त्वरित सर्वेक्षण प्रशिक्षण के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रगणक तथा ग्राम प्रधान द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र दिया जाए कि इस प्रगणक क्षेत्र में रहने वाले समस्त परिवारों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। बैठक में पिछड़े वर्ग की जातियों की सूची भी वितरित की गई।
बैठक में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी आदि उपस्थित थे।