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जिला अस्पताल में बाहर से मंगाए इंजेक्शन, जांच के पेसे लिए

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व्हील चेयर पर भाई राधाकृष्ण को लेकर जाती बहन शांती देवी। संवाद - फोटो : ETAWAH
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फोटो संख्या 01: व्हीलचेयर पर भाई राधाकृष्ण को लेकर जातीं बहन शांती देवी। संवाद
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फोटो संख्या 02: बाहर की लिखी पर्ची दिखाते तीमारदार संतोष दुबे। संवाद
जांच के रुपये लिए, बाहर से मंगाया इंजेक्शन
जिला अस्पताल में इलाज करने में की जा रही मनमानी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिला अस्पताल में मरीजों से जांच के नाम पर रुपये लिए जा रहे हैं और दवाएं बाहर से मंगाई जा रही हैं। गंभीर मरीजों को भी जांच के लिए वार्ड से बाहर बुलाया जाता है। अगर तीमारदार मरीज को बाहर नहीं ले जाते तो उनकी जांच नहीं की जाती है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती है।
भरथना के नगला चुन्नी पाली गांव के राधाकृष्ण (70) जिला अस्पताल के जिरियाट्रिक वार्ड में पांच दिन से भर्ती हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत और शुगर अधिक होने की समस्या है। छोटी बहन शांती देवी उनकी तीमारदारी कर रही हैं। शांती ने बताया कि शनिवार को शुगर की जांच होनी थी। वार्ड के स्टाफ से कहा तो उन्होंने नीचे बुलाया गया। शुगर की जांच के एवज में 20 रुपये भी लिए गए। बाहर से 400 रुपये का इंजेक्शन भी लिखा गया। शांती ने कहा कि नियमानुसार जिरियाट्रिक वार्ड के मरीजों की जांच बेड पर ही होनी चाहिए लेकिन उन्हें मरीज को व्हीलचेयर से नीचे ले जाना पड़ा। सीएमएस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बसरेहर ब्लाक के बहादुरपुर गांव के विमल दुबे अहेरीपुर डाकघर में पोस्टमास्टर हैं। पेट में दर्द होने पर एक जून की रात में करीब 9:30 बजे पिता संतोष दुबे ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मां पार्वती दुबे भी साथ आईं। संतोष ने बताया कि डॉक्टर ने बाहर से 450 रुपये का इंजेक्शन मंगाया इसके बाद भर्ती किया। दो इंजेक्शन लगाने के बाद भी दर्द से आराम नहीं मिला। इस संबंध में प्रभारी सीएमएस डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है।

बाहर की लिखी दवा का पर्चा दिखाते विमल दुबे के पिता संतोष दुबे। संवाद- फोटो : ETAWAH

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