पुरी से नई दिल्ली जा रही नंदन कानन एक्सप्रेस में शुक्रवार को लुटेरों का गिरोह सवार होने की सूचना पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कटक से मिली सूचना पर ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया। ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही जीआरपी व आरपीएफ ने चारो ओर से घेराबंदी कर छानबीन की और जनरल कोच से चार लोगों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के बाद चारों संदिग्ध यात्रियों के फोटो वाट्सएप पर कटक भेजे गए, जिस पर कटक पुलिस ने पकड़े गए संदिग्धों के बदमाश नहीं होने की पुष्टि की, इसके बाद उन्हें छोड़ा गया। शुक्रवार को दोपहर रेलवे कंट्रोल से जीआरपी को सूचना मिली कि पुरी से नई दिल्ली जा रही 12815 अप नंदन कानन एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में सासी गैंग के छह बदमाश सवार हो कर जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर सीओ जीआरपी इटावा राजेंद्र सिंह व आरपीएफ एसआई अमित कु मार के नेतृत्व में जीआरपी व आरपीएफ ने इटावा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर घेराबंदी कर ली। नान स्टाप ट्रेन को 04 बजकर 18 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर एक पर रोका गया और चेकिंग शुरू कर दी।
जहां एक टीम ने सूचना के आधार पर बताए गए कोच में दिए गए नाम के लोगों की तलाश शुरू कर दी तो वहीं अन्य टीमें ट्रेने के दूसरे कोचों में छानबीन में लग गईं। जनरल कोच से बताए गए छह नामों के आधार पर चार संदिग्ध यात्रियों क ो हिरासत में ले लिया।
जिसके बाद हिरासत में लिए गए सुरेंद्र प्रसाद पुत्र गौरी शंकर निवासी ताजपुर छपरा बिहार, संजय मण्डल पुत्र शिवकुमार मण्डल निवासी हमराजीत थाना इगरा जिला पुरवा मेदनीपुर पश्चिम बंगाल, ब्रजेंद्र पुत्र कपूर सिंह निवासी कोकडी खेड़ी जिला जींद हरियाणा व विकास पुत्र भीम सिंह निवासी उझाना जींद हरियाणा से पूछतांछ की गई।
चेकिं ग में उनके पास ने कोई भी अवैध वस्तु या हिथयार बरामद नहीं हुआ। इसपर जीआरपी ने सभी चार संदिग्धों को फोटो खींचकर उसे वाट्सएप के माध्यम से कटक पुलिस को भेजा। कटक पुलिस ने हिरासत में लिए गए यात्रियों के गैंग के सदस्य न होने की पुष्टि की, जिसके बाद चारों यात्रियों को जीआरपी ने छोड़ दिया। इस बीच ट्रेन 04 बजकर 51 मिनट तक इटावा रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। पकड़े गए लोगों को ट्रेन छूटने के बाद छोड़ा गया।