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गांवों में बढ़ रहा संक्रमण, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला

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इटावा/महेवा। पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कोरोना संक्रमितों और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लखना, बकेवर, चकरनगर, महेवा क्षेत्र में करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं।
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महेवा ब्लॉक क्षेत्र में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
16 अप्रैल को व्यापारी कैलाश सक्सेना की पत्नी रामबेटी, 18 अप्रैल को महेवा निवासी रविंद्र दीक्षित,19 अप्रैल को बबलू पाल, 23 अप्रैल को श्रीनारायन पाल बेटे, 26 अप्रैल को व्यापारी कैलाश सक्सेना व दिन मुनुआ दोहरे, 27 अप्रैल को रामलखन दोहरे, तीन मई को बस्ती महेवा निवासी झब्बू कठेरिया, पांच मई को व्यापारी बसंत चौहान की पत्नी की व नया नगला में रामभरोसे, 30 अप्रैल को ग्राम बहेडा के नवनिर्वाचित प्रधान विजय प्रताप सिंह सेंगर की पत्नी सुनीता सेंगर और चार दिन पूर्व भगवती प्रसाद तिवारी की मौत हो गई थी।
उझियानी में चार, शेरपुर में पांच व नौधना में भी दो लोगों की मतदान के बाद मौत हो चुकी है। ग्राम आनेपुर ,बस्ती महेवा ,गुलाबपुरा में कोरोना संक्रमित भी मिल चुके हैं।
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संवाद प्रतिनिधि चकरनगर के अनुसार क्षेत्र में 38 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। सीएचसी राजपुर के अधीक्षक डॉ विनोद शर्मा ने बताया कि नौगांवा में आठ, गनियावर में नौ, ददरा में तीन और चकरनगर समेत क्षेत्र में मिले 38 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। क्षेत्र में टीकाकरण का औसत बहुत ही कम है। लगभग हर घर में कोई न कोई बुखार की चपेट में है। बुखार और सांस लेेने में दिक्कत के चलते सहसों गांव में पांच, चकरनगर में आठ की मौत हो चुकी है।
हनुमंतपुरा, बल्लो की गढ़िया , चंद्रहंसपुरा, बिठौली में भी मौतें हो चुकी हैं। गढ़ाकास्दा के राशन दुकानदार बलराम त्रिपाठी की पत्नी जानकी देवी की तेज बुखार से मौत हो गई थी। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद होेने से मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। लोगों ने शिविर लगाकर जांच और बुखार की दवा दिलाने की मांग की है।
फोटो संख्या 02-निवाड़ीकला विद्यालय के मुख्य दरवाजे में लगा ताला और पसरी गंदगी । संवाद
गांवों में नहीं बनाए क्वारंटी सेंटर
निवाड़ीकला। डीएम के आदेश के बाद भी गांवों में क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाए जा रहे हैं। 27 अप्रैल को डीएम श्रुति सिंह ने क्वारंटीन सेंटर बनाने के आदेश दिए थे। निवाड़ीकला में क्वारंटीन सेंटर बनाना तो दूर सफाई कर्मचारी भी नहीं आ रहा है। इंद्रापुरा के स्कूल में गंदगी पसरी है। पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जिन गांवों में मरीज मिल रहे हैं वहां सेंटर बनाए जाएंगे। टडवा स्माइलपुर में भी क्वारंटीन सेंटर नहीं बना है। गांव के रामचंद, राजकुमार, अजब सिंह, मोहन, राकेश ने बताया न ही सफाई कर्मी आ रहा है और न ही आशा सर्वे करने आई हैं। एडीओ पंचायत श्याम वरन ने कहा कि जल्द ही गांवों में क्वारंटीन सेंटर बनाए जाएंगे। (संवाद)
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