चकरनगर। मानसून की दस्तक से पहले चकरनगर ब्लॉक क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य अधूरा होने से जलभराव का खतरा बढ़ गया है। पंचायत विभाग की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। चकरनगर और हनुमंतपुरा कस्बों के प्रमुख नालों में गाद, प्लास्टिक और घरेलू कचरे का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में पहली ही बारिश लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
शनिवार को कस्बों की पड़ताल में अधिकांश नालों की स्थिति चिंताजनक मिली। चकरनगर कस्बे के लखना रोड, थाना परिसर, राजपुर रोड, मुख्य चौराहा और रेंज रोड के अलावा हनुमंतपुरा कस्बा तथा गोहानी, खीरीटी, सिंडोस, सहसों और नौगवां गांव के नालों में सफाई अधूरी पाई गई। कई स्थानों पर नालों में गाद भरने से पानी का बहाव रुक गया है, जबकि पॉलीथिन और कूड़े-कचरे के कारण नालियां पूरी तरह जाम होने लगी हैं। राजेश कुमार, राज यादव, विशाल यादव, राजकुमार सिंह, देवकीनंदन, रविंद्र भदौरिया, संजेश यादव, कुलदीप सिंह, देवेंद्र दुबे, बंटी पोरवाल, विनोद राजावत का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था में सुधार नहीं दिखता। यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो इस बार भी कस्बों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
हनुमंतपुरा कस्बे में सहसों रोड स्थित शराब ठेका के पास नाले में भारी मात्रा में गंदगी जमा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर बरसात में नाला उफान पर आ जाता है और पानी सड़क पर फैलने से यातायात बाधित होता है। नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
चकरनगर कस्बे में थाना परिसर के पास स्थित नाला करीब पांच वर्षों से पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। हर साल बारिश में यहां जलभराव होता है। पिछले वर्ष थाना परिसर तक पानी भर गया था, जिससे पुलिसकर्मियों और फरियादियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गांव और कस्बों में रोस्टर के अनुसार लगातार नालों की सफाई कराई जा रही है। जहां नाले गंदगी से से भरे हैं, उन्हें भी जल्द साफ कराया जाएगा। मानसून से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी करा दी जाएगी। - यदुवीर सिंह, बीडीओ