मथुरा- इटावा। यमुना एक्सप्रेस वे पर सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे नीलगाय की चपेट में आने से इनोवा पलट गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पिता-पुत्री इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के समसपुर गांव निवासी हैं। अन्य दो मृतक उसके रिश्तेदार हैं। यह सभी लोग दिल्ली में गोदभराई कार्यक्रम से लौट रहे थे।
फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज के गांव टोंड़सी निवासी कैलाश के बेटे सुनील की जनवरी माह में रेलवे में नौकरी लगी है। कैलाश ने बेटे सुनील का रिश्ता दिल्ली से तय किया है। 25 सितंबर को गोद भराई की रस्म थी, जिसमें कैलाश व उनके इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के समसपुर गांव निवासी ससुराल पक्ष के लोग दिल्ली गए थे। ये सभी लोग सोमवार देर रात दिल्ली से लौट रहे थे।
रात करीब डेढ़ बजे यमुना एक्सप्रेस वे पर महावन में गांव नगला तेजा तारापुर के बीच अचानक गाड़ी के सामने नीलगाय आ गई, जिससे गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। इस बीच गाड़ी ने कई पलटे खाए। हादसे में टोंड़सी निवासी कन्हैया (36), उसका बेटा सोमित (5) और साला समसपुर निवासी संतोष कुमार (45) और संतोष की बेटी दीप्ति उर्फ रोशनी (20)की मौके पर मौत हो गई।
घटना में इनोवा सवार संतोष का भाई विनोद पाल (35), विनोद की बेटी पलक, नसीरपुर निवासी अन्य रिश्तेदार कैलाश, बेचेलाल, मनोरी, सत्यदेव घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले में संतोष के परिवार के ईश्वरी प्रसाद ने थाना महावन में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंगलवार देर शाम पिता-पुत्री का शव समसपुर गांव पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया।
पिता- पुत्री की मौत, भाई की हालत गंभीर
भरथना। भांजे की गोद भराई रस्म में शामिल होकर दिल्ली से वापस आ रहे भरथना थाना क्षेत्र के समसपुरा गांव निवासी पिता- पुत्री की मौत और दूसरे भाई व भतीजी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल है। देर शाम शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।
समसपुर निवासी गया प्रसाद ने बताया कि उनका भजीता संतोष कुमार पाल पहले वकालत करता था। बाद में दिबियापुर स्थित नहर के किनारे लगे लज्जाराम तिवारी के चिलर पर बतौर मैनेजर की नौकरी करने लगा। वह दिबियापुर में ही रहने लगा था। वह सिरसागंज थाना क्षेत्र के टोडसी गांव निवासी अपनी बहन कृष्णा के छोटे पुत्र सुनील की गोद भराई रस्म में दिल्ली गया था। उसके साथ उसकी बेटी रोशनी उर्फ दीप्ति, छोटे भाई विनोद व उसकी बेटी भी गई थी।
ये सभी लोग यहां से बाइक से सिरसागंज थाना क्षेत्र के टोडसी गांव गए थे। वहां से सभी लोग दिल्ली गए। जहां से लौटते वक्त संतोष व उसकी बेटी की मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही समसपुरा गांव में कोहराम मच गया। गांव में उनके परिजन तथा इष्टमित्र सुबह ही मथुरा के लिए रवाना हो गए। घर में वृद्ध मां विद्यावती का रो रो कर बुरा हाल है, जिसने भी पिता और पुत्री की मौत की खबर सुनी उसकी आंखें नम हो गई। देर रात पिता एवं पुत्री के शव गांव पहुंचे।
पत्नी की आठ माह पहले हो चुकी है मौत
ग्रामीणों ने बताया कि संतोष की पत्नी गीता देवी की आठ माह पहले ही मौत हुई थी। अब पिता और पुत्री दोनों की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार में अब सिर्फ एक पुत्र दीपक बचा है। दीपक इस समय एयरफोर्स में बेंगलुरू में तैनात है। उसको भी पिता एवं बहन की मौत की सूचना दी जा चुकी है।