अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
एसएसपी वैभव कृष्ण के चार्ज ग्रहण करने के बाद उन्होंने इनामी बदमाशों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसी का परिणाम है कि पांच शातिर अपराधियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जबकि पुलिस ने 15 हजार के एक इनामी बदमाश को एक मुठभेड में ढेर कर दिया। इसके अलावा काफी समय से फरार चल रहे 19 इनामी बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जिस समय एसएसपी ने इटावा जिले का चार्ज ग्रहण किया था। उस समय जिले में पांच हजार के ऊपर के इनामी बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए थे। वह लगातार वारदात को अंजाम दे रहे थे। चार्ज ग्रहण करने के बाद एसएसपी ने इनामी बदमाशों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उन्होंने थाना पुलिस को इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने इनामी बदमाशों का धर पकड़ अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 19 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया। पुलिस ने जब सख्ती बरती तो कुछ शातिर बदमाश जैसे नीलेश यादव के अलावा पुष्पेंद्र आदि ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। 12 हजार का इनामी बदमाश पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तार के लिए जाल बिछाया और उसको पकड़ने के लिए घेराबंदी की तो झिदुआ पुल के पास पुलिस ने चार अगस्त को मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा 15 हजार का इनामी बदमाश सुंदर यादव भी पुलिस की पकड़ से दूर था। पुलिस उसकी भी तलाश में लगी थी। 17 सितंबर को सुंदर यादव ने चौबिया थाना क्षेत्र के गांव नगला कढोरी में फायरिंग की। पुलिस को इसकी भनक लगी तो उसकी घेराबंदी कर ली। अपने को घिरा देख उसने फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। जिसमें उसकी मौत हो गई। एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पांच हजार से ऊपर की राशि वाले 26 इनामी बदमाश थे। जिसमें 19 को गिरफ्तार किया गया। जबकि छह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एक बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उन्होंने बताया कि 500 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक के 26 आरोपियों पर इनाम घोषित है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
- इनामी बदमाशों पर पुलिस ने कसा शिकंजा, गए सलाखों के पीछे
- 15 हजार के एक इनामी को पुलिस ने मुठभेड़ में किया ढेर