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उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने सुनाई खरी-खरी

Tue, 22 May 2018 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
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उद्योग बंधु की बैठक में मौजूद एडीएम जितेंद्र कुमार कुशवाहा और व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
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इटावा। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को हुई उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने जमकर खरी खोटी सुनाई।  व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष शतमन्यु पुरवार ने सरायएसर के औद्योगिक भूखंड का लैंड यूज चेंज न होने का मुद्दा उठाया तो जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी कोई साफ-साफ जवाब नहीं दे पाए।  पुरवार ने कहा कि विगत 6-7 सालों से उद्यमियों को गुमराह किया जा रहा है। उद्योग न लगने के लिए उद्यमी जिम्मेदार ठहराए जाते हैं। जबकि समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि आज तक उद्यमियों को जिला उद्योग केंद्र विभाग ने अंधेरे में रखा है। सरायएसर में जिस जमीन को औद्योगिक आस्थान घोषित किया गया है। वह जमीन आज भी कृषि योग्य घोषित है। इसलिए आज तक एक भी उद्यमी का ले आउट प्लान (नक्शा) पास नहीं हो सका है। कहा कि सरायएसर औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों को जो भूखंड आवंटित हैं उसमें तब तक किसी बड़ी इकाई की स्थापना नहीं हो सकती जब तक जमीन का लैंड यूज चेंज न हो।

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उन्होंने कहा कि किसी बड़ी इकाई लगाने के लिए बैंक फाइनेंस की जरूरत होती है। इसके लिए नक्शे का पास होता है। दस्तावेजों में सरायएसर की उक्त जमीन कृषि योग्य के तौर पर दर्ज है जिससे नक्शे पास नहीं हो रहे। पावर बिजली कनेक्शन और पर्यावरण से एनओसी जैसी अन्य प्रक्रियाएं इसीलिए आगे नहीं बढ़ पा रहीं। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि जो उद्यमी उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। उनके नक्शे पास कराए जाएं।
बैठक में एडीएम जितेंद्र कुमार कुशवाहा ने भी बताया कि जमीन कृषि योग्य भूमि के तौर पर दर्ज है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त विजय सिंह परिहार ने बताया कि जमीन का लैंड यूज बदलने के प्रयास जारी हैं। हालांकि उन्होंने उद्यम स्थापित न होने के लिए सिर्फ इसी को एक वजह मानने से इनकार किया। कहा कि सरायएसर औद्योगिक आस्थान में उद्यम शुरू न होने के लिए उद्यमी भी जिम्मेदार हैं। भूखंड आवंटन होने के बाद 10 प्रतिशत धनराशि जमा कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया लेकिन अभी तक नवीन अग्रवाल, प्रनुज जैन, शरद तिवारी एवं विभा वर्मा ने यह राशि जमा नहीं कराई है।
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सीडीओ पीके श्रीवास्तव ने लैंड यूज चेंज कराने एवं 10 प्रतिशत राशि जमा न करने वालों के भूखंड निरस्तीकरण की कार्रवाई पर विचार करने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन तीन उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट 2018 के लिए अपनी भूमि पर उद्योग स्थापित कर कार्य शुरू किया है। उन्हें सम्मानित भी किया जाए।



एक जनपद एक उत्पाद में हैंड प्रिंटेड क्लाथ चयनित
इटावा। उद्योग बंधुओं की बैठक में हैंडलूम अधिकारी के गैर हाजिर होने पर सीडीओ पीके श्रीवास्तव ने उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना के तहत जिले में 3820 लोगों को बैंक लोन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लक्ष्य से डेढ़ गुना अधिक आवेदन बैंकों को भेजने के निर्देश दिए गए। निवेश मित्र पोर्टल के स्थान पर नई साइट पर प्रार्थना पत्र अपलोड करने को कहा गया। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत जिले को हैंड प्रिंटेड क्लाथ के तौर पर चयन किया गया। इसके लिए वस्त्र उत्पाद की इकाइयों को पीएमईजीपी, स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। स्टैंड अप इंडिया में जनपद के निर्धारित 46 लक्ष्य को विभिन्न बैंक शाखाओं को आवंटित किया जा चुका है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के परिवारों एवं सभी वर्ग की महिलाओं को उद्योग सेवा एवं व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता हैं। इसमें अभी तक तीन मामलों में ऋण वितरण किया गया है। इस पर सीडीओ ने अग्रणी जिला प्रबंधक से लक्ष्य की पूर्ति कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रतिनिधि अग्रणी जिला प्रबंधक एसपीएस सिसौदिया, उप शाखा प्रबंधक यूनियन बैंक अनिल कुमार, वाणिज्य कर अधिकारी मो. इमरान, अधिशासी अभियंता विद्युत आदि उपस्थित रहे। संचालन उपायुक्त उद्योग वीएस परिहार ने किया।

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