शहर में 123 करोड़ की लागत से बनकर तैयार पानी की 18 टंकियां जलनिगम व नगर पालिका की आपसी खींचतान में शहर की प्यासी जनता को मुंह चिढ़ा रही हैं। नगर पालिका ने टंकियों में खामियां गिनाकर टंकियों को संचालन के लिए अपनी सुपुर्दगी में लेने से साफ इंकार कर दिया है। वहीं जलनिगम लगातार टंकियों में कोई खामी न होने की बात पर अड़ा है। इस विभागीय खींचतान के बीच भीषण गर्मी में भी शहर की प्यासी जनता को नई टंकियों से सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है और शहर के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है।
शहर की ध्वस्त पेयजल व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शासन ने शहर में 123 करोड़ की योजना से 18 टंकियों का निर्माण कराया है। टंकियों का निर्माण जलनिगम द्वारा किया गया है और टंकियां पूरी तरह से तैयार की जा चुकी हैं, इनमें से 14 टंकियों में पानी भरकर ट्रायल भी किया जा चुका है, जिसमें जलनिगम ने इसे ओके बताते हुए नगर पालिका को हैंडओवर के लिए लिखा है। हैंडओवर प्रक्रिया के बीच शहर में बनाई गई इन पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर नगर पालिका ने सवालिया निशान लगा दिया है।
नगरपालिका का कहना है कि जलनिगम के द्वारा बनाई गई पानी की टंकियों में कई खामियां हैं, पहले उन खामियों को दूर किया जाए, उसके बाद ही नगरपालिका टंकियाें को टेकओवर लेगी। नगरपालिका ने जो खामियां गिनाई हैं, उनमें सबसे बड़ी कमी टंकियाें पर लगाए गए टयूववेल का निर्धारित समय में टंकियां न भर पाना है।
जलनिगम के अनुसार टंकी पर लगे टयूबवेल प्रति मिनट एक हजार लीटर पानी टंकी में सप्लाई करते हैं, जिससे आठ घंटे में टंकी पूरी तरह से भर जाती है, जबकि नगरपालिका का कहना है कि उन्होंने जो जांच की है, उसमें टयूबवैल एक मिनट में 800ै लीटर से भी कम पानी चढ़ा रहे हैं। ऐसे में गर्मियों में और भी स्थित बिगड़ जाएगी। इसके अलावा नपा ने कई टंकियों के लीकेज होने की बात कही है।
वहीं जलनिगम का कहना है कि नगरपालिका टंकियों को हैंडओवर न लेकर सप्लाई का कार्य शुरू कर दे और जो भी कमी सामने आएं, उनको बताए जिसे विभाग तुरंत दुरुस्त कराएगा। दोनों विभाग अपनी- अपनी बात पर अड़े हुए हैं। इसका नतीजा है कि शहर की पेयजल व्यवस्था पूर्व की तरह ध्वस्त पड़ी है और लोगों को करोड़ों खर्च होने के बावजूद नई टंकियों से पानी नहीं मिल पा रहा है।
सप्लाई में बाधक बनेंगी निर्माण की खामियां: नीलम चौधरी- इटावा। उक्त मामले पर नगरपालिका ईओ नीलम चौधरी का कहना है कि उन्होंने जलनिगम को टंकियों में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए लिखा है। अगर यह खामियां दूर नहीं की जाती तो शहर में पानी की सप्लाई शुरू किए जाने के बाद यह कमियां और बढ़ जाएंगी, जिससे पेयजल सप्लाई बाधक होगी और शहर की जनता इसके लिए नगरपालिका को दोषी मानेगी।
उन्होंने टंकियों की फिलिंग व्यवस्था की जांच कराई है, जिसमें पाया गया है कि टयूबवेल टंकी को निर्धारित समय से काफी देर में भर पा रहे हैं। गर्मी बढ़ने पर यह समस्या और भी ज्यादा बढे़गी। इसके लिए भी जलनिगम को लिखा गया है। जैसे ही कमियों को दूर कर दिया जाता है। नपा टंकियों को हैंडओवर लेकर संचालन शुरू कर देगी।
नपा बिना हैण्डओवर संचालन शुरू करे, विभाग दूर करेगा खामियां: एमपी सिंह - इटावा। जलनिगम के अधिशासी अभियंता एमपी सिंह का इस मामले पर कहना है कि शहर में बनी 18 टंकियों में से 14 टंकियों को ट्रायल के तौर पर उन्होंने चालू करा दिया है और इनमें क ोई बड़ी कमी नहीं है। नपा परिसर की टंकी को छोड़कर शेष टंकियों को भी जल्द बिजली कनेक्शन के बाद इसी सप्ताह चालू कर दिया जाएगा। नगरपालिका टयूबवैल में जो कमी बता रही है, वह गिरते जलस्तर का असर है और आगे चलकर स्वयं ठीक हो जाएगी।
नगरपालिका हैंडओवर लिए बिना ही पानी का संचालन शुरू कर सकती है और जो खामियां बताई जाएंगी, विभाग उन्हें तुरंत ठीक कराएगा। सब कुछ ठीक करने के बाद हैंडओवर की कार्रवाई पूर्ण की जा सकती है। सिंह के अनुसार उन्होंने शुक्रवार को भी सभी टंकियाें की जांच की है और वह सभी सप्लाई देने को पूरी तरह से तैयार हैं।