सावन के तीसरे सोमवार को जिले भर के शिव मंदिर हर-हर,
बम-बम के जयकारों से गूंज उठे। सुबह से ही शिव मंदिरों में पूजा अर्चना के
लिए भक्तों की भीड़ लगने लगी थी।
शाम को शृंगार रूप के दर्शन कर
भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। देर रात तक मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा।
भोले भंडारी को खुश करने के लिए भक्तों ने उपवास भी रखा।
सावन के
तीसरे सोमवार को शहर के ऐतिहासिक नीलकंठ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की
भीड़ पूजन अर्चन के लिए उमड़ी। भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भोले
भंडारी की पूजा की और मन्नतें मांगीं। शाम को मंदिर में भगवान शंकर का
छप्पन भोग से शृंगार किया गया।
शृंगार रूप के दर्शनों के लिए देर
रात तक श्रद्धालुओं का तांता मंदिर में लगा रहा। फ्रेंड्स कालोनी स्थित
ज्ञान मंदिर में भी पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़नी
शुरू हो गई थी। समूचा क्षेत्र बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। शाम को
रूई से भोले बाबा का मनोहारी शृंगार किया गया। शृंगार रूप के दर्शन भक्तों
ने देर रात तक किए।
चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दोपहर
तक पूजा अर्चना का दौर चला। जलाभिषेक के साथ पूजा अर्चना कर भक्तों ने
परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। शाम को भोले शंकर का फूलों से मनोहारी
शृंगार किया गया।
शृंगार रूप के दर्शनों के लिए मंदिर अर्द्धरात्रि
तक खुला रहा। इसी तरह शहर के स्टेशन बजरिया स्थित आनंदेश्वर मंदिर, छैराहा
मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, टिक्सी मंदि के साथ महेरा चुंगी स्थित मंदिर में
भी भक्तों का दिनभर तांता लगा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी
सावन के तीसरे सोमवार को भीड़भाड़ रही।
बकेवर क्षेत्र में यमुना
नदी किनारे स्थित हमीरपुरा वाले मंदिर में जिले के साथ ही आसपास के जिलों
से आए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सरसईनावर क्षेत्र के श्री हजारी
महादेव मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। चकरनगर क्षेत्र के
भारेश्वर मंदिर और कालेश्वर मंदिर में भी सैकड़ों की संख्या में भक्त पूजा
अर्चना के लिए पहुंचे।
इसी तरह जसवंतनगर, इकदिल, भरथना, उदी, सैफई
सहित जिले भर के मंदिरों में सावन के तीसरे सोमवार को पूजा अर्चना करने
वालों का तांता लगा रहा। भक्तों ने श्रद्धाभाव के साथ उपवास रखकर शिव की
आराधना की।