जैन मुनियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को
नैतिकता का पाठ पढ़ाया। बच्चों को मांसाहार और नशे से दूर रहने को कहा। साथ
ही नसीहत दी कि पढ़-लिखकर तरक्की करें और माता-पिता की सेवा करें। बच्चों
को शपथ दिलाई कि वे माता-पिता को वृद्धाश्रम में कभी नहीं भेजेंगे।
लालपुरा
स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से सोमवार को गाजे बाजे के साथ
आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज ससंघ सहित आचार्य आदि सागर अंकलीकर
इंटर कालेज पहुंचे। प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक विशुन चंद्र यादव ने उनकी
अगवानी की।
बच्चों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि अगर
आपको किसी से प्यार करना है तो पहले हिंदुस्तान से प्यार करो, बाद में
इंसान से और अंत में भगवान से। इससे आपका कल्याण हो जाएगा। कहा कि आप जिस
धर्म को मानते हो, उस धर्म को मानो, इससे आपके जीवन में सुख समृद्धि आ
जाएगी।
उन्होंने कहा कि ‘पहले बांटा धर्म और बांट दिया इंसान को,
अब मत बांटो मेरे भाई अपने हिंदुस्तान को’। शिक्षकों से कहा कि बच्चों को
ऐसा संस्कारित बनाएं, जिससे एकता की बुनियाद बनी रहे।
इस अवसर पर
अध्यक्ष संजू जैन, आकाशदीप जैन, पूरन जैन, महेश जैन रपरिया, राकेश जैन,
चंद्र प्रकाश जैन, आनंद बाबा, शैलेश जैन, सुशील जैन, पूजा जैन, संगीता
जैन, मोनिका जैन भी मौजूद रहे।
उधर, शिव नारायन इंटर कालेज में
मुनि श्री 108 सुग्रंथ सागर जी महाराज ने बच्चों को संबोधित किया। प्रबंधक
श्रवण कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य राजकुमार वर्मा एवं रिंकू जैन ने दीप
प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंगलाचरण नीति जैन, जूही जैन,
पूनम एवं मुस्कान जैन ने किया।
बच्चों को संबोधित करते हुए मुनि
श्री सुग्रंथ सागर ने कहा कि आज का प्रयास, कल का प्रकाश है। इस मौके पर
अजित जैन, अतुलवीर जैन, अनिल जैन, लालजी जैन, सुदर्शन जैन के अलावा डा.
सीमा शाक्य, डा. संजय वर्मा, विवेक रंजन गुप्ता, डा. राजीव राज, आदित्य
कुमार पोरवाल, नितिन जैन, डा. देवराज सिंह, डा. अजय कुमार शर्मा, सौरभ
गुप्ता, कुलदीप, दिनेश भी मौजूद रहे।