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भारी-भरकम बजट से सुधरी यातायात व्यवस्था फिर बेपटरी

Mon, 15 Jun 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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प्रशासन के ठोस प्रयासों से सुधरी ट्रैफिक व्यवस्था फिर बेपटरी हो चली है, क्योंकि व्यवस्था बनाए रखने में हर स्तर पर लापरवाही हुई। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए अलग-अलग जगहों पर वाहन स्टैंड बनवाकर लाखों रुपये की लागत से यात्री प्रतीक्षालय बनवाए गए थे।
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वाहन निर्धारित जगहों पर खड़े नहीं हुए तो लाखों रुपये की लागत से बने यात्री प्रतीक्षालय कबाड़खाना बनते जा रहे हैं। कुल मिलाकर लाखों रुपये का बजट खर्च हुआ, लेकिन हालात नहीं सुधरे। धीरे-धीरे बस स्टैंड तिराहा पर डग्गामारी फिर बढ़ने लगी है। सड़क घेरकर वाहनों के खड़े होने के कारण यहां दिनभर राहगीरों को जाम के हालात से जूझना पड़ रहा है।

करीब चार माह पहले आला अफसरों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार का बीड़ा उठाया था। एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ पालिका की ओर से कार्रवाई की गई। बस स्टैंड तिराहे की बदहाल यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए शहर के चारों ओर प्राइवेट वाहनों के खातिर जगह निर्धारित की गई।
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इसके साथ ही डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की लागत से आठ यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण भी नगर पालिका की ओर से कराया गया। व्यवस्था में सुधार होने के बाद अफसरों ने ध्यान देना बंद कर दिया तो दिनों दिन हालात बिगड़ते चले गए।

अब फिर से बस स्टैंड तिराहे पर डग्गामार वाहनों ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। सड़क घेरकर प्राइवेट वाहनों के खड़े होने से फिर से जाम लगने लगा है। इससे यात्री बेहाल रहते हैं। वाहन खड़े होने में रोकटोक न होने के कारण मोटर्स आपरेटर भी अपने वाहनों को बस स्टैंड तिराहे पर ही खड़ा करके सवारियां भरते हैं।

चार माह पहले बस स्टैंड तिराहे पर खड़े होने वाले डग्गामार वाहनों को हटाया गया तो रोडवेज की आमदनी भी बढ़ गई। दिनों दिन बढ़ रही आमदनी से रोडवेज अफसर खुश थे लेकिन फिर से डग्गामारी होने से रोडवेज अफसरों की परेशानी बढ़ गई है।

खुद क्षेत्रीय प्रबंधक एनएस यादव ने एसएसपी मंजिल सैनी से मुलाकात करके उन्हें बस स्टैंड तिराहे के हालात से अवगत कराया। एसएसपी ने डग्गामारी रोकने का आश्वासन तो दिया लेकिन कार्रवाई आज तक नजर नहीं आई। सोमवार को भी एआरएम इटावा परमानंद ने डीएम नितिन बंसल से मुलाकात करके उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
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