विधानसभा चुनाव से पहले लॉयन सफारी को पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। अखिलेश सिंह यादव की सरकार अपने इस अहम प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा होते हुए देखना चाहती है।
सूत्रों की मानें तो शेरों के अलावा अन्य जानवरों को यहां लाने की पुरजोर कोशिशें हो रही हैं। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी से परमीशन भी मांगी गई है। हालांकि यह अभी मिली नहीं है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सपने को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने कार्यकाल में पूरा करना चाहते हैं। इसीलिए लॉयन सफारी यूपी सरकार के लिए सर्वाधिक महत्व रखने वाला प्रोजेक्ट है। शायद यहीं वजह है कि सफारी के हर निर्णय में उच्चाधिकारियों मंशा शामिल रहती है।
वैसे तो लॉयन सफारी प्रोजेक्ट को अगले वर्ष मार्च के महीने में पूरा किया जाना है। लेकिन असल मकसद बब्बर शेराें से जुड़ा है। यहां मौजूद तीन जोड़ा शेरों के शावकों को इस सफारी के कोर जोन में छोड़ा जाना है। इसके लिए जरूरी है कि शेरनी गर्भवती हों और वह शावकों को जन्म दें।
ऐसी जानकारी जरूर है कि शेरनी गर्भवती है लेकिन उनके शावक विधानसभा चुनाव से पूर्व खुले में विचरण करने लगेंगे। इसे लेकर सफारी प्रशासन की ओर से कोई नहीं खुलासा हुआ है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश सरकार का समानांतर रूप से यह प्रयास भी जारी है कि जब तक विधानसभा चुनाव की शुरुआत हो।
उससे पहले लॉयन सफारी को पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाए। सूत्रों के मुताबिक कोर जोन एरिया में जहां शावक रहेंगे, वहीं इसके बाहरी बफर जोन एरिया में अन्य जानवरों की सफारी विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं। दो से पांच एकड़ जमीन में टाइगर, लेफर्ड और हिरन आदि जानवरों के लिए सफारी विकसित करने का प्रोग्राम है।
इसके पीछे का मकसद यह है कि शावक भले ही खुले में विचरण शुरू न कर पाएं लेकिन लॉयन सफारी के शुरू होने पर आने वाले पर्यटकों को अन्य जानवर देखने को मिले। इससे यह प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा और फिर समय के साथ शावक भी सामने आ जाएंगे।
उल्लेखनीय है यूपी सरकार के इस प्रयास की सफलता सीजेडए यानि सेंट्रल जू अथॉरिटी की परमीशन से जुड़ी है। प्रदेश सरकार की ओर से यह परमीशन मांगी जा चुकी है लेकिन सीजेडए ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
माना जा रहा है कि सीजेडए परमीशन देने से पूर्व यहां एक बार अपनी टीम का विजिट भी करा सकती है। सूत्रों की मानें तो अन्य जानवरों की सफारी के लिए ब्रीडिंग सेंटर के पीछे के एरिया को चिह्नित किया गया है।
इस संबंध में कार्यदाई संस्था के आवास विकास परिषद के पीएम अरविंद कुमार ने बताया कि अभी टाइगर आदि अन्य जानवरों की सफारी के लिए कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
सीजेडए की परमीशन के बाद ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। अभी तो मार्च 2016 तक लॉयन सफारी के काम को पूरा करना है। करीब 90 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। फाइनल टच देना बाकी रह गया है।