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10 के सिक्के न लिए तो स्टेट बैंक में डालेंगे डेरा

Sat, 27 Aug 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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स्टेट बैंक मुख्य प्रबंधक के न मिलने से नाराज व्यापारी नेता अनंत प्रताप अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
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सोशल मीडिया पर दस रुपये के सिक्के नकली होने की अफवाह फैलने के बाद स्टेट बैंक द्वारा भी सिक्के न लिए जाने पर व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को व्यापारी नेता अनंत प्रताप अग्रवाल लोगों के साथ स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच पहुंचे। उन्होंने कहा कि 10 के सिक्के न लिए जाने से छोटे दुकानदार बर्बाद हो रहे हैं वहीं सिक्के न लिए जाने से लोग भी परेशान हैं। वह जल्द ही प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएम से मिलेंगे। समाधान न निकला तो व्यापारी और दुकानदार स्टेट बैंक में ही डेरा डाल डेंगे।
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सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के बाद बाजार में दस रुपये के सिक्के लेने से लोग कतरा रहे हैं। ग्राहक भी सिक्के की जगह नोट लेना पसंद कर रहा है। इस समस्या के समाधान की उम्मीद कर शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे व्यापारमंडल अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल शास्त्री चौराहा स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा गए। लेकिन बैंक के मुख्य प्रबंधक आशीष गुप्ता वहां मौजूद नहीं थे। इस पर श्री अग्रवाल ने चीफ अकाउंटेंट से मिलकर समस्या बताई। श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी समस्या पर गंभीर नहीं हैं। इसी वजह से सिक्कों का चलन लगातार कम हो रहा है। उनकी मांग है कि स्टेट बैंक दस रुपये के सिक्कों को स्वीकार करे।

कई लोगों ने फोन से सूचना दी है कि स्टेट बैंक सिक्कों को नहीं ले रही है। शुक्रवार को ही एक दुकानदार 13 हजार रुपये की नगदी जमा कराने पहुंचा तो उसके पास मौजूद करीब 3 हजार रुपये मूल्य के दस रुपये के सिक्कों को बैंक ने नहीं लिया। श्री अग्रवाल ने कहा कि बैंक हो या पोस्ट आफिस कहीं भी इन सिक्काें को स्वीकार नहीं किया जा रहा। लिहाजा जिले के छोटे कारोबारी व दुकानदार परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जिले में करीब 70 फीसदी छोटे दुकानदार हैं और उनको ही सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। श्री अग्रवाल ने कहा कि स्टेट बैंक को चाहिए कि वह गलतफहमी दूर करे।
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नहीं दिया साफ जवाब
स्टेट बैंक के मुख्य शाखा के प्रबंधक आशीष गुप्ता से जब पूछा कि बैंक दस रुपये के सिक्के क्यों स्वीकार नहीं कर रहे। इस पर उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया। कहा कि रिजर्व बैंक करेंसी जारी करती है। इसलिए रिजर्व बैंक को ही स्थिति साफ करनी चाहिए। वह इसके लिए सक्षम नहीं हैं।
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